E20 Petrol Controversy: दिल्ली में E20 के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी

e20 पेट्रोल विवाद अब एक बड़ा मुद्दा बन चुका है, जिसमें न केवल सरकार और आलोचक शामिल हैं, बल्कि आम जनता भी अपनी आवाज उठा रही है। पहले पेट्रोल की कीमतों को लेकर लड
E20 पेट्रोल विवाद अब एक बड़ा मुद्दा बन चुका है, जिसमें न केवल सरकार और आलोचक शामिल हैं, बल्कि आम जनता भी अपनी आवाज उठा रही है। पहले पेट्रोल की कीमतों को लेकर लड़ाई होती थी, लेकिन अब बहस इस बात पर केंद्रित है कि पेट्रोल में क्या मिश्रित किया गया है। सरकार का कहना है कि E20 भविष्य है, जबकि आलोचक यह मांग कर रहे हैं कि पहले उन्हें विकल्प दिए जाएं। इस मुद्दे पर दिल्ली में 31 जुलाई से 4 अगस्त तक कई बड़े आंदोलनों का ऐलान किया गया है, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला द्वारा इंडिया गेट से पार्लियामेंट स्ट्रीट तक गाड़ी मार्च का आयोजन शामिल है। पूनावाला ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के एक पुराने वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि गडकरी ने पेट्रोल की कीमत 15 रुपये प्रति लीटर होने की बात कही थी। वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी E20 के खिलाफ लोगों को एकजुट होने की अपील की है और 1 अगस्त को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20' का आयोजन करने की घोषणा की है।
E20 के खिलाफ विरोध केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित नहीं है। दिल्ली की कई टैक्सी और ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने भी 4 अगस्त को संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। यूनियनों का कहना है कि E20 से जुड़े कई सवाल अभी भी वाहन मालिकों और कमर्शियल व्हीकल ड्राइवरों के बीच बने हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार को इन सभी बातों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए और सभी पक्षों से चर्चा के बाद आगे का रास्ता तय करना चाहिए। इस बीच, 'E20 जनता पार्टी' नाम से एक डिजिटल कैंपेन भी सोशल मीडिया पर सक्रिय है, जो आम नागरिकों की पहल बताता है और वाहन मालिकों को 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल चुनने का विकल्प देने की मांग कर रहा है। इस कैंपेन का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना है।









