ECG Scam in Agra: एसएन मेडिकल कॉलेज में ईसीजी जांच के नाम पर अवैध वसूली का मामला

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में ईसीजी जांच के नाम पर मरीजों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में यह दावा किया गय
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में ईसीजी जांच के नाम पर मरीजों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में यह दावा किया गया है कि नई सर्जरी बिल्डिंग के हड्डी रोग विभाग के वार्ड में एक बाहरी व्यक्ति मरीजों से ईसीजी जांच के लिए 300 रुपये की मांग कर रहा था। जबकि कॉलेज में ईसीजी जांच का निर्धारित सरकारी शुल्क मात्र 68 रुपये है। इस मामले ने कॉलेज की व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। वीडियो में एक व्यक्ति ईसीजी करते हुए दिखाई दे रहा है और कहा गया है कि वार्ड में भर्ती लगभग 10 मरीजों से इस जांच के नाम पर पैसे लिए गए। इस वायरल वीडियो के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है, जो 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इस समिति में सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता, क्षय रोग विभाग के डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह और मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष बंसल को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है। इस मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान करने में विभागीय अधिकारियों ने असमर्थता जताई है, जिससे यह मामला और भी जटिल होता जा रहा है। इस घटना ने न केवल मरीजों के विश्वास को प्रभावित किया है, बल्कि मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस तरह के मामलों में तेजी से कार्रवाई की आवश्यकता होती है ताकि भविष्य में ऐसे अवैध वसूली के मामलों को रोका जा सके। मरीजों को उनकी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उचित और निर्धारित शुल्क ही चुकाना चाहिए। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। एसएन मेडिकल कॉलेज की प्रशासनिक टीम को इस मामले में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि मरीजों का विश्वास बहाल किया जा सके और ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो। जांच रिपोर्ट के बाद यदि आवश्यक हुआ तो एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।









