Economic Foundation Strong Despite Global Challenges: वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत

नई दिल्ली। वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में अपने बयान में कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है। उन्
नई दिल्ली। वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में अपने बयान में कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है। उन्होंने बताया कि घरेलू मांग में मजबूती, कॉरपोरेट बैलेंस शीट की स्थिति और वित्तीय अनुशासन के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था का मैक्रोइकोनमिक आधार स्थिर है। चौधरी ने आरबीआई की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मजबूत बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों की बैलेंस शीट के कारण घरेलू वित्तीय प्रणाली में स्थिरता बनी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी हुई है, और इस पर विनिमय दर में उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 5.8 प्रतिशत कमजोर हुआ है। इसके बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था के मैक्रोइकोनमिक आधार मजबूत हैं और पिछले तीन वर्षों में रियल जीडीपी की वृद्धि दर लगातार 7 प्रतिशत से अधिक रही है।
वित्त राज्यमंत्री ने औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि अप्रैल 2026 में यह 4.9 प्रतिशत और मई में 5.1 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद निवेश आधारित औद्योगिक विकास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आयातित कच्चे माल पर निर्भर उद्योगों को लागत के दबाव का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, सरकार विभिन्न उपायों के माध्यम से आयात जनित महंगाई को कम करने का प्रयास कर रही है, जिसमें ड्यूटी में बदलाव, एमएसएमई के लिए क्रेडिट का विस्तार, सस्ता कर्ज सुनिश्चित करना, और व्यापार को आसान बनाना शामिल है। चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि रुपये का मूल्य बाजार से तय होता है और सरकार ने इसका कोई विशेष लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है।









