ED notice on Amitabh Jhunjhunwala's bail plea: आरएचएफएल आरसीएफएल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत अर्जी पर ईडी को नोटिस

नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्
नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए गए अमिताभ झुनझुनवाला ने हाल ही में अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की है। इस मामले की सुनवाई राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश हसन अंजर की अदालत में हो रही है, जहां न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई तीन अगस्त को निर्धारित की गई है। अदालत में सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। वहीं, झुनझुनवाला की ओर से अधिवक्ता सौजन्या शंकरन और अनमोल सचान ने उनका पक्ष रखा।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि ईडी ने पहले ही अमिताभ झुनझुनवाला समेत 54 अन्य आरोपितों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल कर दी है, जिस पर संज्ञान लेने की प्रक्रिया चल रही है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि झुनझुनवाला विभिन्न चिकित्सीय समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी जमानत याचिका का समर्थन किया जा सकता है। अदालत ने इस मामले में ईडी की ओर से दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर भी दलीलें सुनीं। प्रवर्तन निदेशालय ने 12 जून को रिलायंस (एडीएजी) समूह की कंपनियों के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों, अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बपना, सहित 53 अन्य व्यक्तियों और विभिन्न कॉरपोरेट संस्थाओं के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की थी।
अमिताभ झुनझुनवाला और उनके सहयोगियों को अप्रैल 2026 में आरएचएफएल और आरसीएफएल से जुड़े बैंक ऋण धोखाधड़ी और उससे संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में अदालत में आरोपपत्र पर संज्ञान लेने और आरोपित की जमानत याचिका दोनों पर सुनवाई जारी है। यह मामला वित्तीय धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है, जिसमें कई अन्य व्यक्तियों और कंपनियों का नाम भी शामिल है। इस प्रकार के मामलों में जमानत याचिकाओं की सुनवाई अक्सर जटिल होती है, और अदालतें कई पहलुओं पर विचार करती हैं, जिसमें आरोपित की स्वास्थ्य स्थिति भी शामिल होती है।









