Election Results in Una: सुषमा देवी बनीं पंचायत समिति बंगाणा की अध्यक्ष

बंगाणा (ऊना)। पंचायत समिति बंगाणा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दोनों प्रमुख पदों पर जीत हासिल कर अपने प्रभाव को बनाए रख
बंगाणा (ऊना)। पंचायत समिति बंगाणा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दोनों प्रमुख पदों पर जीत हासिल कर अपने प्रभाव को बनाए रखा है। इस चुनाव ने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को भी उजागर किया है। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें सुषमा देवी ने 19 में से 13 मत प्राप्त कर अध्यक्ष पद पर विजय प्राप्त की। उनके प्रतिद्वंदी स्वर्ण देवी को 6 मत मिले। इस प्रकार, सुषमा देवी ने स्पष्ट बहुमत से अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी विकास ने 12 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार मोहित को 7 मत मिले। इस तरह, पंचायत समिति बंगाणा के दोनों प्रमुख पद भाजपा के खाते में गए और पार्टी ने पंचायत समिति पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। चुनाव के परिणामों ने यह भी दर्शाया कि भाजपा के भीतर मतभेद और गुटबाजी की स्थिति बनी हुई है। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित दो उम्मीदवारों के आमने-सामने आने से पार्टी के भीतर की खींचतान स्पष्ट रूप से सामने आई। इसके अलावा, उपाध्यक्ष पद के मतदान में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी को 12 मत ही मिल पाए, जिससे यह संकेत मिला कि सभी भाजपा समर्थक सदस्य एकजुट होकर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में नहीं रहे। यह स्थिति भाजपा के लिए चिंता का विषय बन सकती है। चुनाव के दौरान भाजपा नेता देवेंद्र भुट्टो ने लगातार पंचायत समिति में 14 सदस्यों के समर्थन का दावा किया था, लेकिन अध्यक्ष पद के चुनाव में सुषमा देवी को 13 मत ही मिले। इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा के एक सदस्य ने अधिकृत रणनीति से अलग जाकर स्वयं चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय लिया, जिससे पार्टी के भीतर मतभेद उजागर हो गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने दोनों पदों पर जीत हासिल कर संगठनात्मक बढ़त तो बनाए रखी है, लेकिन मतदान के दौरान सामने आए समीकरण भविष्य में पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकते हैं। वहीं, कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार मोहित को उपाध्यक्ष पद के चुनाव में 7 मत मिलना यह दर्शाता है कि विपक्ष भी पंचायत समिति में प्रभावी उपस्थिति बनाए हुए है। इस चुनाव ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा को अपने भीतर की गुटबाजी और मतभेदों को सुलझाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में पार्टी की एकजुटता बनी रहे।









