End Cross-Border Terrorism: सीमा पार आतंकवाद खत्म करो, Gen Z प्रदर्शन पर पाकिस्तान के उत्साह पर भारत की दो टूक

नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत में शिक्षा सुधार को लेकर जेन-जी आंदोलन के प्रति पाकिस्तान का एक विशेष वर्ग काफी उत्साहित है। सोशल मीडिया पर पाकिस्त
नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत में शिक्षा सुधार को लेकर जेन-जी आंदोलन के प्रति पाकिस्तान का एक विशेष वर्ग काफी उत्साहित है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के कुछ हिस्सों से जंतर-मंतर तक प्रदर्शन करने की बात की जा रही है। इस संदर्भ में भारत ने पाकिस्तान को एक स्पष्ट सलाह दी है कि उसे अपने ध्यान को सीमा पार आतंकवाद के खात्मे पर केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि भारत की जेन-जी भी यही चाहती है। पाकिस्तान के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में छात्र विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया जा रहा है, ने इस मुद्दे को लेकर काफी चर्चा की है। हालांकि, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे भारत का आंतरिक मामला करार दिया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारत के लोग, जिनमें जेन-जी भी शामिल है, लगातार पाकिस्तान से यह मांग करते रहे हैं कि वह राज्य प्रायोजित आतंकवाद को समाप्त करे। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान दशकों से भारत के खिलाफ सीमापार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। जब पाकिस्तान के सिंधु घाटी सभ्यता की साझा विरासत के दावे पर सवाल उठाया गया, तो प्रवक्ता ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो देश धार्मिक कट्टरवाद और हिंसा को बढ़ावा देता है, वह बहुलवादी सांस्कृतिक विरासत का दावा नहीं कर सकता।
पाकिस्तान में जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर काफी हलचल देखी जा रही है। इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और टिकटॉक पर इस प्रदर्शन से संबंधित लाखों पोस्ट किए गए हैं। कई पोस्ट में लिखा गया है कि 'मैड रिस्पेक्ट, हम भी ऐसा ही करना चाहते हैं', जिससे यह स्पष्ट होता है कि सीमा के इस पार भी वही गुस्सा है। कुछ युवा यह भी कह रहे हैं कि यदि उन्हें मौका मिले, तो वे भी जंतर-मंतर पहुंच जाते। कई वीडियो में पाकिस्तानी क्रिएटर्स ने भारतीय छात्रों के पोस्टर्स और नारे दोहराए हैं। कुछ पाकिस्तानियों ने भारतीय जेन-जी को कूल और बहादुर बताया, जबकि कुछ ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रशंसा की। हालांकि, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि असली मुद्दा पाकिस्तान का आतंकवाद समर्थन है, न कि प्रदर्शनों की आपसी सराहना।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने मंगलवार को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में हो रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों पर भारत का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत ने इन चुनावों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश, जिनमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र शामिल हैं, भारत के अभिन्न अंग हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि यह चुनावी कवायद पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे को छिपाने का प्रयास है। हाल ही में पीओजेके में हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शन इस्लामाबाद के आर्थिक शोषण और मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का परिणाम हैं।









