Energy Drink Branding Issues: एनर्जी ड्रिंक की गलत ब्रांडिंग को लेकर पेय पदार्थ निर्माताओं को FSSAI से राहत नहीं

नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के अनुसार, खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने पेप्सिको और रिलायंस रिटेल जैसी प्रमुख पेय कंपनियों को अपने उत्पादों से भ्रामक एनर्जी ड्रिंक का
नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के अनुसार, खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने पेप्सिको और रिलायंस रिटेल जैसी प्रमुख पेय कंपनियों को अपने उत्पादों से भ्रामक एनर्जी ड्रिंक का दावा हटाने के लिए 90 दिन का समय दिया है। यह आदेश एफएसएसएआई द्वारा एक जुलाई को जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने एनर्जी ड्रिंक बेचने वाली छह कंपनियों को नोटिस भेजा था। इस नोटिस में कहा गया था कि एनर्जी ड्रिंक श्रेणी के लिए कोई मानक निर्धारित नहीं किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को गलत जानकारी मिल रही है। एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि यह कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इन छह ब्रांडों में रेड बुल एनर्जी ड्रिंक, पेप्सिको की एड्रेनालाईन रश एनर्जी ड्रिंक, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की कैंपा एनर्जी ड्रिंक-गोल्ड बूस्ट, स्टिंग एनर्जी ड्रिंक, हेल एनर्जी और कोका-कोला समर्थित मांस्टर एनर्जी शामिल हैं।
इस मामले में इंडियन बेवरेज एसोसिएशन (आईबीए) के तहत प्रमुख एनर्जी ड्रिंक निर्माताओं ने पिछले शुक्रवार को एफएसएसएआई के सीईओ और अन्य अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के खाद्य सुरक्षा अधिकारी भी शामिल थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य एफएसएसएआई द्वारा जारी नोटिसों पर चर्चा करना था। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, उद्योग को एफएसएसएआई से कोई राहत नहीं मिली है। नियामक ने अपने आदेश का पालन करने के लिए 90 दिन का समय दिया है, जिसमें एनर्जी ड्रिंक शब्द को हटाना भी शामिल है। उद्योग ने नई पैकेजिंग सामग्री की व्यवस्था करने के लिए समय मांगा है, लेकिन एफएसएसएआई ने इस पर कोई सहमति नहीं दी।









