Etawah News: खाद्यान्न न मिलने से विद्यालयों में नहीं बन पा रहा मिड डे मील

चकरनगर। महेवा ब्लॉक के लगभग सौ परिषदीय विद्यालयों में पिछले तीन माह से मिड डे मील योजना के लिए खाद्यान्न न मिलने की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। इस मुद्दे को
चकरनगर। महेवा ब्लॉक के लगभग सौ परिषदीय विद्यालयों में पिछले तीन माह से मिड डे मील योजना के लिए खाद्यान्न न मिलने की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। महासंघ के सदस्यों ने बताया कि राशन न मिलने के कारण बच्चों को मिलने वाले भोजन पर संकट खड़ा हो गया है। अप्रैल, मई और जून माह का खाद्यान्न विद्यालयों को नहीं मिलने के कारण बच्चों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यह स्थिति न केवल बच्चों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है, बल्कि शिक्षा के अधिकार को भी प्रभावित कर रही है। विद्यालयों में मिड डे मील योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान करना है, लेकिन खाद्यान्न की अनुपलब्धता ने इस योजना की सफलता को खतरे में डाल दिया है।
राशन डीलरों ने भी स्पष्ट किया है कि उन्हें अप्रैल से जून तक का खाद्यान्न ही प्राप्त नहीं हुआ है, जिससे वे विद्यालयों को आवश्यक आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। इस समस्या को लेकर जब एसडीएम से बात की गई, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि विद्यालयों तक डीलरों के माध्यम से शीघ्र खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था कराई जाएगी। एसडीएम ने यह भी कहा कि खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी। यह आश्वासन महासंघ के सदस्यों के लिए राहत की बात है, लेकिन अब देखना यह है कि प्रशासन इस आश्वासन को कितनी जल्दी पूरा करता है।
ज्ञापन देने वालों में महासंघ के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र त्रिपाठी, महामंत्री जितेन्द्र सिंह यादव, मंडल महामंत्री संजय कुमार त्रिपाठी, ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप राजावत, अनिल यादव, विमल शुक्ला, विवेक त्रिपाठी, शिवराज सिंह और विकास शुक्ल जैसे अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। महासंघ के सदस्यों ने यह भी कहा कि यदि समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे आगे की कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे। इस मुद्दे पर सभी की नजरें बनी हुई हैं, और उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस गंभीर समस्या का समाधान करेगा ताकि बच्चों को मिड डे मील योजना का लाभ मिल सके।









