Ethanol blending in petrol: पेट्रोल में 20% एथनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 5 साल पहले पूरा, अब आगे की तैयारी में जुटी सरकार

नई दिल्ली से डिजिटल डेस्क की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने पेट्रोल में एथनॉल मिलाने की प्रक्रिया को लेकर नई दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत दिया है। पेट्रोल म
नई दिल्ली से डिजिटल डेस्क की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने पेट्रोल में एथनॉल मिलाने की प्रक्रिया को लेकर नई दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत दिया है। पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल ब्लेंडिंग (ई20) का लक्ष्य अब पांच साल पहले ही पूरा हो चुका है, जिससे सरकार अब भविष्य की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि देश में एथनॉल उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की योजना बनाई गई है, जो न केवल ई20 ब्लेंडिंग की मौजूदा आवश्यकताओं को पूरा करेगी, बल्कि भविष्य में पेट्रोल की बढ़ती मांग को भी संभाल सकेगी। इसके साथ ही, सरकार अधिक एथनॉल ब्लेंडिंग, फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और बायोफ्यूल के अन्य उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठा रही है। वर्तमान में, देश की एथनॉल उत्पादन क्षमता लगभग दो हजार करोड़ लीटर प्रति वर्ष तक पहुंच गई है।
मंत्री सुरेश गोपी ने यह भी बताया कि भारत ने 2025-26 के एथनॉल आपूर्ति वर्ष में 20 प्रतिशत एथनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो कि निर्धारित समय से पांच साल पहले पूरा हुआ है। इस सफलता के पीछे कई नीतिगत उपायों का योगदान है, जिनमें एथनॉल की निर्धारित कीमतें, ब्लेंडिंग के लिए एथनॉल पर जीएसटी में कटौती और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ लंबे समय के खरीद समझौते शामिल हैं। इसके अलावा, 'प्रधानमंत्री जी-वन योजना' के तहत खेती से बचे अवशेषों से बनने वाले सेकंड-जेनरेशन (2जी) एथनॉल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि सरकार ने देश में ई20 फ्यूल के साथ चलने वाली गाड़ियों की संख्या का कोई आकलन नहीं किया है। उन्होंने बताया कि भारी उद्योग मंत्रालय ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। एथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को एक वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत लागू किया गया है, जिसमें लैब स्टडी और फील्ड ट्रायल शामिल हैं। इन ट्रायल में ई फ्यूल के उपयोग की सुरक्षा की पुष्टि की गई है। मंत्री ने यह भी कहा कि देशभर में 23 करोड़ से अधिक वाहन ई15-प्लस और ई19-ई20 फ्यूल पर चल रहे हैं, जिनमें पुरानी गाड़ियों की भी बड़ी संख्या शामिल है। एथनॉल मिलाने से इंजन खराब होने या वाहन में किसी प्रकार की समस्या का कोई प्रमाणित साक्ष्य नहीं मिला है। ई20 पेट्रोल के उपयोग से बेहतर एक्सेलरेशन, सुचारू इंजन संचालन और सफर की सुविधा मिलती है, जिससे हवा की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।









