Exam System in Rajasthan: परीक्षा प्रणाली राम भरोसे, आयोगों में पद खाली

राजस्थान में परीक्षा कराने वाली संस्थाओं की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (rpsc) और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (rbse) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों म
राजस्थान में परीक्षा कराने वाली संस्थाओं की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में कई पद खाली पड़े हैं। आयोग और बोर्ड के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं हैं, जिससे यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है। वर्तमान में, RPSC में एक अध्यक्ष और 10 सदस्यों में से 4 पद खाली हैं, जिनमें से एक सदस्य, बाबू लाल कटारा, निलंबित हैं। कार्यवाहक अध्यक्ष केसरी हैं, जबकि सदस्य अशोक कलवार 31 जुलाई को रिटायर होने वाले हैं। यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि सरकार की नियुक्तियों में पारदर्शिता का अभाव है। सरकार यदि चाहे तो विधानसभा में अधिनियम पारित कर योग्यता तय कर सकती है, लेकिन ऐसा करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। अन्य राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में लोक सेवा आयोगों के लिए नियम बनाए गए हैं, जबकि RPSC में ऐसा कुछ नहीं है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग एक वैधानिक संस्था है, जिसमें एक अध्यक्ष और चार सदस्य होते हैं। वर्तमान में, केवल एक अध्यक्ष और दो सदस्य कार्यरत हैं, जो पूर्ववर्ती सरकार द्वारा नियुक्त किए गए थे। भाजपा सरकार ने राजस्थान स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड (RSSB) में भी अपने सदस्यों की नियुक्ति नहीं की है। RPSC के पुनर्गठन की बात करने वाले RSSB में कोई सुधार नहीं कर पाए हैं। RSSB के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है, और उन्हें पद से हटाने का अधिकार भी मुख्यमंत्री के पास होता है। RSSB के लिए भी कोई नियम नहीं बने हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार की ओर से इस दिशा में कोई गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।









