Fake Clinic in Gurugram: 12वीं पास युवक ने बिना डिग्री के चलाया क्लीनिक, गर्भपात किट बेचते पकड़ा गया

गुरुग्राम के गांव घाटा में एक युवक ने बिना किसी मान्य मेडिकल डिग्री के क्लीनिक चला रहा था, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने डिकाय ऑपरेशन के जरिए पकड़ा है। इस युवक की पहच
गुरुग्राम के गांव घाटा में एक युवक ने बिना किसी मान्य मेडिकल डिग्री के क्लीनिक चला रहा था, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने डिकाय ऑपरेशन के जरिए पकड़ा है। इस युवक की पहचान कमल महतो के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के मालदा जिले का निवासी है। 27 वर्षीय कमल महतो अवैध रूप से गर्भपात कराने का धंधा भी चला रहा था। स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि वह बिना किसी वैध डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहा है और गर्भवती महिलाओं का अवैध गर्भपात कर उनकी जान को जोखिम में डाल रहा है। इस सूचना की जांच के लिए पीसीपीएनडीटी और एमटीपी नोडल अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाई गई थी।
डिप्टी सिविल सर्जन डा. देवेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि टीम ने एक गर्भवती महिला को डिकाय ग्राहक बनाकर क्लीनिक भेजा। महिला ने कमल महतो से संपर्क किया और बताया कि उसके गर्भ में लगभग दो महीने का समय हो गया है और वह गर्भपात कराना चाहती है। कमल महतो ने इसके लिए 1200 रुपये की मांग की। महिला ने पहले से चिन्हित किए गए नोट उसे दे दिए, जिसके बाद आरोपित ने उसे अनवांटेड किट नामक एमटीपी किट देकर दवा लेने का तरीका भी बताया। इस दौरान महिला के इशारे पर टीम ने क्लीनिक में छापा मारा और कमल महतो को पकड़ लिया।
छापेमारी के दौरान टीम को कई अन्य एमटीपी किट, विभिन्न प्रकार की दवाइयां, इंजेक्शन, सिरप, ग्लूकोमीटर, ब्लड प्रेशर मानीटर, स्टेथोस्कोप सहित अन्य चिकित्सा उपकरण भी मिले। जब आरोपित से पूछताछ की गई, तो वह दवाइयों की खरीद-बिक्री, मरीजों के उपचार या गर्भपात संबंधी कोई भी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद सेक्टर-65 थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना स्वास्थ्य विभाग के लिए एक चेतावनी है कि ऐसे फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, जो लोगों की जान के साथ खेलते हैं।









