Fake Currency Smuggling in Baghpat: मां-बेटे को मिली तीन साल की सजा और जुर्माना

बागपत में नकली नोटों की तस्करी के मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए अदालत ने मां-बेटे को तीन-तीन साल की कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, उन्हें 10-
बागपत में नकली नोटों की तस्करी के मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए अदालत ने मां-बेटे को तीन-तीन साल की कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, उन्हें 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला तब शुरू हुआ जब खेकड़ा थाना के तत्कालीन एसआई भुरेंद्र सिंह ने 23 दिसंबर 2023 को एक मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर डूंडाहेडा चेकपोस्ट के पास मुखबिर की सूचना पर आरोपित अहसान और उसकी मां नाजमा उर्फ कुसुम को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 500 रुपये के 178 नकली नोट बरामद हुए, जो कि कुल मिलाकर 89 हजार रुपये की राशि बनाते हैं। इस मामले में एक अन्य आरोपित भागने में सफल रहा, लेकिन पकड़े गए आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की गई और अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।
अदालत में मामले की सुनवाई एडीजे/एफटीसी प्रथम नीरू शर्मा की अदालत में हुई, जहां सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपितों को दोषी ठहराया गया। अदालत ने कहा कि नकली नोटों का चलन समाज के लिए एक गंभीर खतरा है और इससे देश की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए, इस प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए सख्त सजा आवश्यक है। अदालत ने यह भी कहा कि इस मामले में पकड़े गए आरोपित बाजार में नकली नोट खपाने की योजना बना रहे थे, जो कि एक गंभीर अपराध है।
इस निर्णय के बाद, बागपत में नकली नोटों की तस्करी के खिलाफ एक सख्त संदेश गया है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने इस प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। यह मामला न केवल बागपत बल्कि पूरे क्षेत्र में नकली नोटों के चलन को रोकने के लिए एक उदाहरण बनेगा। अदालत के इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि कानून किसी भी अपराध को बर्दाश्त नहीं करेगा और समाज में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।









