Fake Video in Maihar: मैहर मां शारदा मंदिर में बाढ़ का फर्जी VIDEO वायरल, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

विश्व प्रसिद्ध मां शारदा धाम मैहर के बारे में सोशल मीडिया पर एक फर्जी वीडियो तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में दावा किया गया है कि भारी बारिश के कारण मां शारदा
विश्व प्रसिद्ध मां शारदा धाम मैहर के बारे में सोशल मीडिया पर एक फर्जी वीडियो तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में दावा किया गया है कि भारी बारिश के कारण मां शारदा मंदिर परिसर में बाढ़ आ गई है और पूरा क्षेत्र पानी में डूब गया है। वीडियो के वायरल होते ही श्रद्धालुओं और आम लोगों के बीच चिंता और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, मैहर पुलिस ने तुरंत इसका खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। पुलिस ने कहा कि इस प्रकार के भ्रामक वीडियो का उद्देश्य लोगों को गुमराह करना और धार्मिक नगरी मैहर की छवि को नुकसान पहुंचाना है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस भ्रामक वीडियो ने कई श्रद्धालुओं को चिंतित कर दिया था। वीडियो में दिखाया गया है कि मंदिर परिसर में बाढ़ आ गई है, जिससे श्रद्धालुओं के मन में भय और चिंता उत्पन्न हो गई। नगर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह ने इस वीडियो की जांच कराई और बताया कि यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि वीडियो का वास्तविक घटनाओं से कोई संबंध नहीं है और यह केवल लोगों को भ्रमित करने के लिए बनाया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मैहर में इतनी अधिक बारिश नहीं हुई है कि बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सके। मंदिर परिसर पूरी तरह सुरक्षित है और यहां प्रतिदिन की तरह श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी वीडियो, फोटो या संदेश पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण अनावश्यक डर और भ्रम का माहौल बनता है, जिससे सामाजिक व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। मैहर पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों की पहचान की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर इस तरह के वीडियो तैयार करता है या उन्हें वायरल करता है, तो उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों से आग्रह किया है कि किसी भी सूचना के लिए केवल प्रशासन और पुलिस के आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें।









