Part-1: फरीदाबाद में सरकारी स्कूलों की जर्जर स्थिति पर सवाल

फरीदाबाद में सरकारी स्कूलों की जर्जर स्थिति एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। हाल ही में, राजस्थान के झालावाड़ में एक स्कूल की छत गिरने से सात विद्यार्थियों की
फरीदाबाद में सरकारी स्कूलों की जर्जर स्थिति एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। हाल ही में, राजस्थान के झालावाड़ में एक स्कूल की छत गिरने से सात विद्यार्थियों की मौत के बाद, 'दैनिक जागरण' ने जिले के सरकारी स्कूलों की स्थिति की पड़ताल की थी। इस हादसे ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल उठाए थे। एक साल बाद, 'सरकारी स्कूलों का हाल: साल बदला, तस्वीर नहीं' अभियान के तहत फरीदाबाद ब्लॉक के विभिन्न स्कूलों की जांच की गई। तिकोना पार्क स्थित राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 1400 से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। पिछले साल की जांच में इस स्कूल का भवन जर्जर पाया गया था, जहां कक्षाएं चल रही थीं। अब, विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, छठी से दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को राजकीय बाल हाई स्कूल में स्थानांतरित किया गया है। वहीं, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों की कक्षाएं सुरक्षित कमरों में आयोजित की जा रही हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य प्रसादी लाल ने बताया कि जनवरी से तीन मंजिला भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जो अप्रैल 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस निर्माण कार्य पर लगभग चार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इसके बाद, एनआइटी दो स्थित पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की जांच की गई। यहां भवन की स्थिति संतोषजनक थी, लेकिन पानी की टंकी की छत जर्जर थी। स्कूल प्रबंधन ने इसे बंद कर दिया है और चेतावनी नोटिस चस्पा किया है। छात्राओं की सुरक्षा के लिए पानी की टंकी को शौचालय के पास रखा गया है, और इसकी मरम्मत के लिए जिला शिक्षा विभाग से मांग की गई है। भांकरी के प्राथमिक स्कूल में टूटी हुई बाउंड्री वाल एक गंभीर समस्या बन गई है, जिससे 400 से अधिक विद्यार्थियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। स्कूल में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और आवारा पशुओं का प्रवेश भी चिंता का विषय है। स्कूल प्रबंधन ने बाउंड्री वाल की मरम्मत के लिए शिक्षा विभाग से अनुरोध किया है।









