Farmer Protest in Bhopal: पुलिस को छकाते हुए भोपाल पहुंचे किसान, सड़क पर डाला डेरा; सरकार के साथ वार्ता विफल

भोपाल में मूंग की पूरी उपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग को लेकर नर्मदापुरम के किसानों ने सावरकर सेतु पर डेरा डाल दिया है। यह किसान सीएम हाउस की ओर बढ़ रहे
भोपाल में मूंग की पूरी उपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग को लेकर नर्मदापुरम के किसानों ने सावरकर सेतु पर डेरा डाल दिया है। यह किसान सीएम हाउस की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए कई प्रयास किए। इसके बावजूद, किसान अपनी मांगों को लेकर अडिग रहे और अंततः मंगलवार शाम को वे भोपाल पहुंच गए। सैकड़ों किसान ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के साथ होशंगाबाद रोड स्थित सावरकर सेतु पर पहुंचे, जहां उन्होंने डेरा डालकर अपनी आवाज उठाई। किसानों ने यहां दाल बाटी बनाना शुरू किया और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। उनका मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री से मिलने की मांग करना था। कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने किसानों के प्रतिनिधियों से बातचीत की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे यहां से नहीं हटेंगे।
किसानों की यह स्थिति उस समय आई है जब वे समर्थन मूल्य पर मूंग की पूरी उपज खरीदने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए और उन्हें उचित मूल्य मिलना चाहिए। किसान नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों के लिए संघर्ष करते रहेंगे और किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। किसानों का यह आंदोलन न केवल नर्मदापुरम बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
किसान आंदोलन के इस दौर में, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार किस प्रकार की प्रतिक्रिया देती है। कृषि मंत्री ने किसानों से बातचीत की, लेकिन वार्ता का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। किसानों ने अपनी एकता और दृढ़ता को दर्शाते हुए यह स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों के लिए किसी भी कीमत पर खड़े रहेंगे। इस आंदोलन का असर आने वाले दिनों में और भी बढ़ सकता है, क्योंकि किसान अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए तैयार हैं। सरकार को चाहिए कि वह किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले और जल्द से जल्द समाधान निकाले।









