Farmers march to Bhopal: मूंग की 100% MSP खरीद के लिए भोपाल कूच

मध्य प्रदेश में मूंग की फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (msp) की शत-प्रतिशत खरीद की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा उभरकर सामने आया है। नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायस
मध्य प्रदेश में मूंग की फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की शत-प्रतिशत खरीद की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा उभरकर सामने आया है। नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन, विदिशा समेत मालवा और नर्मदापुरम संभाग के 19 किसान संगठनों के बैनर तले हजारों किसान राजधानी भोपाल की ओर पैदल और ट्रैक्टर मार्च कर रहे हैं। किसानों ने भोपाल-नागपुर नेशनल हाईवे (NH-69) पर बैरिकेड्स को तोड़ते हुए आगे बढ़ना शुरू कर दिया है। उनका मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर अपनी समस्याओं को साझा करना है। किसान संगठनों का कहना है कि राज्य सरकार की मौजूदा खरीदी नीति के कारण उन्हें प्रति क्विंटल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राज्य सरकार ने मूंग की MSP को 8,668 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, लेकिन प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग खरीदने की सीमा तय की गई है। किसानों का कहना है कि 1 एकड़ खेत में औसतन 4 से 5 क्विंटल मूंग की पैदावार होती है। इस कोटा के कारण किसानों को अपनी बची हुई मूंग को मजबूरी में खुले बाजार में 4,000 से 5,500 रुपये प्रति क्विंटल के औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है, जिससे उन्हें हर क्विंटल मूंग पर 3,000 से 4,000 रुपये का सीधा नुकसान हो रहा है।
किसानों ने नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर धरना देकर और हनुमान चालीसा का पाठ करके इस मार्च की शुरुआत की। हाथों में तिरंगा लिए और 'जय जवान, जय किसान' के नारे लगाते हुए किसान सीहोर जिले के बुधनी पहुंचे। प्रशासन ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लाए गए खाने के पैकेट खाकर आगे बढ़ रहे हैं और जहां पुलिस रोकेगी या रात होगी, वहीं ट्रॉली में सोने का निर्णय लिया है। इस आंदोलन के कारण भोपाल-नागपुर मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे आम यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।









