Farmers Protest in Bhopal: 100% मूंग की खरीद की मांग को लेकर हजारों किसान जुटे

भोपाल में मूंग की 100 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। मंगलवार को हजारों किसान, जो अनाज की बोरियां, ब
भोपाल में मूंग की 100 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। मंगलवार को हजारों किसान, जो अनाज की बोरियां, बिस्तर, खाना पकाने के बर्तन और एक हफ्ते का राशन लेकर आए थे, भोपाल के बाहरी इलाके में दाखिल हुए और सावरकर सेतु के पास डेरा डाल दिया। यह आंदोलन तब शुरू हुआ जब किसानों ने महसूस किया कि राज्य सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है। किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे सीएम आवास तक मार्च करने के लिए तैयार हैं। इस बीच, राज्य सरकार ने केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस संबंध में एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में राज्य सरकार ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से उठाया है और उनकी मांगों का समाधान करने के लिए केंद्र से सहायता मांगी है।
किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने पत्र में बताया कि मध्य प्रदेश में 14 मई से 3 जुलाई, 2026 के बीच लगभग 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ है। उन्होंने कहा कि अब तक केवल 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में किसान एमएसपी का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। यह स्थिति किसानों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि वे अपनी मेहनत की फसल का उचित मूल्य नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती है, तो वे आंदोलन जारी रखेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले 19 संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले किसानों ने स्पष्ट किया है कि वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक सरकार उनकी 100% मूंग की फसल खरीदने और खाद वितरण से जुड़ी पुरानी शिकायतों का समाधान नहीं करती। इस आंदोलन के चलते प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है, जिससे छात्रों और उनके परिवारों पर भी इसका असर पड़ रहा है। किसान संगठनों ने इस बात पर जोर दिया है कि उनकी मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।









