Farmers Protest Electricity Crisis: किसानों का बिजली संकट पर प्रदर्शन, जींद-सफीदों रोड जाम

सफीदों (जींद) से संवाद सूत्र के अनुसार, उपमंडल के गांव बुढ़ा खेड़ा में किसानों ने बुधवार को खेतों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण जींद-सफीदों मार्ग पर जाम
सफीदों (जींद) से संवाद सूत्र के अनुसार, उपमंडल के गांव बुढ़ा खेड़ा में किसानों ने बुधवार को खेतों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण जींद-सफीदों मार्ग पर जाम लगा दिया। इस जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों का आरोप है कि पिछले एक सप्ताह से उन्हें खेतों में पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है, जिससे उनकी फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। धान की रोपाई के बाद सिंचाई के लिए पानी की अत्यधिक आवश्यकता होती है, लेकिन बिजली कटौती के कारण वे समय पर सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। बारिश न होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है। किसानों ने अधिकारियों से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की है।
जाम की सूचना मिलते ही सफीदों सदर थाना प्रभारी राजेश कुमार और पिल्लुखेड़ा थाना प्रभारी विजय अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। किसानों ने बताया कि जब भी रजाना खुर्द, रजाना कलां, लुदाना या पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में कोई फाल्ट आता है, तो उनकी बिजली सप्लाई भी बंद कर दी जाती है, जिससे उन्हें बार-बार परेशानी झेलनी पड़ती है। किसानों की मुख्य मांग यह है कि उनकी बिजली सप्लाई को खेड़ी पावर हाउस से हटाकर सीधे बुढ़ा खेड़ा के 33 केवीए पावर हाउस से जोड़ा जाए, ताकि अन्य गांवों में फाल्ट होने पर उनकी बिजली बाधित न हो।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली निगम के एसडीओ पवन कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर उनकी बिजली लाइन को बुढ़ा खेड़ा के 33 केवीए पावर हाउस से जोड़ दिया जाएगा, जिससे भविष्य में इस तरह की समस्या नहीं आएगी। एसडीओ के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खोल दिया और यातायात सुचारू हो गया। हालांकि, ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि तय समय में समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।











