Fast Track Court Hearing Delayed: NEET पेपर लीक मामले में CBI का वकील नहीं आया

neet पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले दिन ही सुनवाई नहीं हो सकी। सोमवार को जब कार्यवाही शुरू हुई, तब cbi की ओर से कोई भी वकील अदा
NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले दिन ही सुनवाई नहीं हो सकी। सोमवार को जब कार्यवाही शुरू हुई, तब CBI की ओर से कोई भी वकील अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। इस स्थिति के कारण अदालत ने मामले की सुनवाई को स्थगित करने का निर्णय लिया। यह घटना इस बात का संकेत है कि मामले में आगे की कार्यवाही में बाधा आ सकती है। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI को निर्देश दिया कि वह जल्द से जल्द एक लोक अभियोजक की नियुक्ति करे। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि अगली सुनवाई में किसी भी प्रकार की रुकावट न आए।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस दौरान यह भी स्पष्ट किया कि NEET पेपर लीक मामले में आरोपियों विकास और दिनेश बिवाल की जमानत याचिकाएं भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थीं। लेकिन CBI की ओर से वकील की अनुपस्थिति के कारण इन जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई नहीं हो सकी। यह स्थिति न केवल आरोपियों के लिए, बल्कि पूरे मामले के लिए चिंता का विषय है। अदालत ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 3 अगस्त की तारीख तय की है। इस तारीख पर उम्मीद की जा रही है कि अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक की नियुक्ति हो जाएगी।
अगली सुनवाई में यदि लोक अभियोजक की नियुक्ति हो जाती है, तो मामले की सुनवाई आगे बढ़ने की संभावना है। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों से अपेक्षा की है कि वे अगली सुनवाई के लिए तैयार रहें। NEET पेपर लीक मामला शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसकी सुनवाई का परिणाम न केवल आरोपियों के लिए, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए महत्वपूर्ण होगा। इस मामले में न्याय की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी पक्षों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।









