Fatehabad News: अस्पताल में बंद ई उपचार सर्वर, मैनुअल काटी पर्चियां

फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में ई-उपचार सर्वर के ठप होने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले चार दिनों से सर्वर बंद होने के कारण ओपीडी पर्
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में ई-उपचार सर्वर के ठप होने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले चार दिनों से सर्वर बंद होने के कारण ओपीडी पर्चियां मैनुअल तरीके से काटी जा रही हैं, जिससे मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। अस्पताल की ऑनलाइन व्यवस्थाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गई हैं, और डॉक्टरों को मरीजों की एक्सरे रिपोर्ट देखने के लिए व्हाट्स एप का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे न केवल रिपोर्ट की जांच में देरी हो रही है, बल्कि इलाज की प्रक्रिया भी बाधित हो रही है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि मैनुअल व्यवस्था के कारण समय अधिक लग रहा है और उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को इस स्थिति से सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन को उम्मीद है कि सर्वर जल्द ही शुरू होगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो सकें।
इसके अलावा, नागरिक अस्पताल में बिजली मरम्मत कार्य भी चल रहा है, जिससे मरीजों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार शाम को बिजली न होने के कारण जच्चा-बच्चा वार्ड में नवजात को परेशानी हुई। इसके साथ ही कई सिजेरियन केस भी रेफर किए गए। मरम्मत कार्य के चलते अस्पताल में ई-उपचार सर्वर भी बंद है, जिससे मरीजों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली पैनल लगाने का काम लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, और उम्मीद की जा रही है कि पैनल लगने के बाद अस्पताल में बिजली की समस्या समाप्त हो जाएगी।
नागरिक अस्पताल में प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप के तहत चल रही अल्ट्रासाउंड सुविधा भी 25 जुलाई से बंद है, और बुधवार को भी यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। अल्ट्रासाउंड केंद्र पर लगाए गए नोटिस के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को यह सुविधा 30 जुलाई से मिलेगी। इस दिन गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए शिविर भी आयोजित किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को आश्वासन दिया है कि सभी व्यवस्थाएं जल्द ही सामान्य हो जाएंगी, ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। डॉ. सुभाष, एसएमओ, नागरिक अस्पताल ने कहा कि सभी प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।









