Delhi NCR News: फेमा की नीट एसएस काउंसलिंग की जल्द सुनवाई की मांग

नई दिल्ली। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (फेमा) ने नीट सुपर स्पेशियलिटी (एसएस) 2025 काउंसलिंग में हो रही देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मां
नई दिल्ली। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (फेमा) ने नीट सुपर स्पेशियलिटी (एसएस) 2025 काउंसलिंग में हो रही देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की है। फेमा ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया है कि इस मामले की समय पर सुनवाई सुनिश्चित की जाए। फेमा का कहना है कि काउंसलिंग में देरी के कारण हजारों योग्य उम्मीदवार कई महीनों से अपनी सुपर स्पेशियलिटी ट्रेनिंग शुरू नहीं कर पाए हैं। यह स्थिति युवा डॉक्टरों के करियर, रोजगार और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। इस अनिश्चितता का असर केवल उम्मीदवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के अस्पतालों में सुपर स्पेशियलिटी रेजिडेंट्स की कमी के कारण मरीजों की देखभाल, आपातकालीन सेवाओं, शिक्षण और शोध कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
फेमा ने स्पष्ट किया है कि वे न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन संगठन ने जनहित और चिकित्सा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया है। उनका मानना है कि यदि काउंसलिंग प्रक्रिया में तेजी लाई जाती है, तो इससे डॉक्टरों को अपने प्रशिक्षण से जुड़ने का अवसर मिलेगा और इससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। फेमा ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से न केवल डॉक्टरों की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि इससे मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
इस मामले में फेमा की मांग को लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर काउंसलिंग पूरी नहीं होती है, तो यह न केवल डॉक्टरों के लिए बल्कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली के लिए भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं। फेमा ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द समाधान निकालें। इस संदर्भ में फेमा का यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जिससे न केवल डॉक्टरों की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।









