Financial Crisis in ISL: जमशेदपुर FC समेत क्लबों ने घटाई खिलाड़ियों की सैलरी

जमशेदपुर। भारतीय सुपर लीग (आईएसएल) में वित्तीय संकट ने क्लबों को अपने बजट में कटौती करने के लिए मजबूर कर दिया है। इस संकट के चलते, जमशेदपुर एफसी समेत अन्य क्लबो
जमशेदपुर। भारतीय सुपर लीग (आईएसएल) में वित्तीय संकट ने क्लबों को अपने बजट में कटौती करने के लिए मजबूर कर दिया है। इस संकट के चलते, जमशेदपुर एफसी समेत अन्य क्लबों ने भारतीय फुटबॉल खिलाड़ियों की सैलरी में भारी कमी की है। बंगाल के क्लबों को छोड़कर, सभी टीमों ने अपने खिलाड़ियों की सैलरी को 70 लाख से 1.5 करोड़ रुपये से घटाकर 20 से 70 लाख रुपये के दायरे में ला दिया है। यह स्थिति उन खिलाड़ियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है, जो पहले अच्छे वेतन पर खेलते थे। फुटबॉल जगत के सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय प्रायोजन राजस्व में कमी और वाणिज्यिक अधिकारों की अनिश्चितता ने क्लबों को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है। इस कारण से, अधिकांश क्लबों का बजट का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा खिलाड़ियों के वेतन पर खर्च होता था, जिसे अब प्रबंधन के लिए संभालना मुश्किल हो गया है। इस वित्तीय असंतुलन से बचने के लिए, क्लबों ने वेतन कटौती का निर्णय लिया है।
इस कटौती का प्रभाव केवल भारतीय खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि विदेशी खिलाड़ियों की भर्ती पर भी पड़ा है। क्लब अब महंगे विदेशी फुटबॉलरों की बजाय कम बजट में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की तलाश कर रहे हैं। इससे ट्रांसफर मार्केट की रणनीति में भी बदलाव आया है। जमशेदपुर एफसी ने डूरंड कप के लिए सस्ते खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि क्लब सीमित संसाधनों के बीच अधिकतम परिणाम प्राप्त करने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। इस आर्थिक बदलाव के बीच, पश्चिम बंगाल के प्रमुख क्लबों ने अपने खिलाड़ियों के वेतन में कटौती से बचने का प्रयास किया है, जिससे वे इस संकट से कुछ हद तक सुरक्षित रह सके हैं।









