Fire Safety Concerns in Fatehgarh Sahib: सरहिंद के 43 आईलेट सेंटरों में सुरक्षा की कमी

फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद में छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। हाल ही में किए गए एक सर्वे में पाया गया कि यहां के 43 आईलेट्स और इमिग्रेशन से
फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद में छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। हाल ही में किए गए एक सर्वे में पाया गया कि यहां के 43 आईलेट्स और इमिग्रेशन सेंटरों में से एक भी केंद्र फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं कर रहा है। फायर विभाग की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इन केंद्रों में न तो फायर एनओसी है, न फायर एक्सटिंग्विशर और न ही इमरजेंसी एग्जिट का कोई प्रावधान है। इस लापरवाही के बीच, छात्रों की जान खतरे में है, क्योंकि फीस पूरी होने के बावजूद सुरक्षा के मामले में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब देश में कोचिंग सेंटरों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले महीने दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से छात्रों में अफरा-तफरी मच गई थी, और इससे पहले सूरत में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 22 छात्रों की जान चली गई थी। इन घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर दिया है और अब सवाल उठता है कि क्या सरहिंद के आईलेट्स सेंटर भी इसी तरह की घटनाओं का शिकार हो सकते हैं।
पंजाब सरकार ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए 26 जून को पूरे राज्य में फायर ऑडिट के आदेश जारी किए थे, जिसके तहत सरहिंद फायर ऑफिस ने कार्रवाई शुरू की। फायर ऑफिसर शिव कुमार सैनी के नेतृत्व में फायरमैन अमनदीप सिंह और चरणजीत सिंह की टीम ने पहले चरण में 43 आईलेट्स सेंटरों की जांच की। रिपोर्ट में पाया गया कि अधिकांश सेंटर पहली या दूसरी मंजिल पर स्थित हैं और इनका एक ही संकरा दरवाजा है, जिससे छात्रों को बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और इमरजेंसी एग्जिट बोर्ड जैसी आवश्यक सुविधाएं भी अनुपस्थित हैं। छात्रों को एक ही कमरे में ठूंसकर पढ़ाया जा रहा है, जिससे आग लगने की स्थिति में भागने का कोई रास्ता नहीं है।









