Flood havoc in Odisha: ओडिशा में बाढ़ का कहर, एक लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित

देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। असम और गुजरात के बाद अब ओडिशा में बाढ़ का संकट गहरा गया है। ओडिशा के उ
देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। असम और गुजरात के बाद अब ओडिशा में बाढ़ का संकट गहरा गया है। ओडिशा के उत्तर-पूर्वी जिलों में गहरे दबाव के कारण मूसलाधार बारिश हुई है, जिससे नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नतीजतन, कई क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है और एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि अगले 24 घंटे राज्य के लिए बेहद नाजुक हैं। बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राहत और बचाव कार्यों के लिए ओड्राफ, एनडीआरएफ और अग्निशामक सेवाएं सक्रिय हैं। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए पका हुआ भोजन, सूखा राशन और शिशु आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की रात्रि गश्त भी बढ़ा दी गई है। सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग ने महानदी पर बने हीराकुड बांध के डिस्चार्ज गेट बंद रखे हैं ताकि बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
असम में भी बाढ़ का संकट गहरा गया है, जहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, 7 जिलों के 3.32 लाख लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। चराईदेव जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां राहत शिविरों में 81 राहत केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं। शिवसागर जिले के नजीरा राजस्व चक्र से 7 नई मौतों की पुष्टि हुई है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। बाढ़ के कारण कई गांवों में जनजीवन ठप हो गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का कार्य जारी है।









