Flood in Assam: बाढ़ में गाय को बचाने का प्रयास करता व्यक्ति का वीडियो वायरल

असम में बाढ़ ने एक बार फिर से भयावह रूप धारण कर लिया है। हाल के दिनों में आई बाढ़ के कारण अब तक 75 लोगों की जान जा चुकी है। इसके साथ ही, पशुओं के बहने की घटनाएं
असम में बाढ़ ने एक बार फिर से भयावह रूप धारण कर लिया है। हाल के दिनों में आई बाढ़ के कारण अब तक 75 लोगों की जान जा चुकी है। इसके साथ ही, पशुओं के बहने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसी बीच, असम के सिवसागर जिले से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति बाढ़ के पानी में फंसी गाय को बचाने की कोशिश कर रहा है। यह दृश्य न केवल मानवीयता की मिसाल पेश करता है, बल्कि असम में बाढ़ की गंभीरता को भी दर्शाता है। असम प्रशासन ने इस बाढ़ की स्थिति को लेकर एक आधिकारिक बुलेटिन जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि मंगलवार को सात और मौतों के साथ कुल मृतकों की संख्या 75 हो गई है। सभी मौतें सिवसागर जिले के नजीरा राजस्व सर्कल से हुई हैं। बाढ़ की चपेट में आने वाली आबादी अब घटकर 3.32 लाख रह गई है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, सिवसागर, चरैदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, सोनितपुर और कामरूप मेट्रोपॉलिटन जैसे सात जिले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों के 21 राजस्व सर्कल और 622 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या 3,32,639 है। चराईदेव सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है, जहां 1,42,756 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसके बाद सिवसागर में 97,074 और जोरहाट में 57,371 लोग प्रभावित हैं। इस स्थिति ने स्थानीय प्रशासन के लिए राहत कार्यों को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके लिए 81 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 32,477 लोग शरण ले चुके हैं। इसके अलावा, राहत वितरण के लिए 34 केंद्र भी कार्यरत हैं। बाढ़ के कारण 45,341.98 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न हो गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इसके साथ ही, मकानों, गोशालाओं, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों जैसे बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। इस स्थिति ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता को और अधिक स्पष्ट कर दिया है।











