Flood Situation in Northern Odisha: उत्तर ओडिशा में बैतरणी और सालंदी नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 4 जिलों में बढ़ा बाढ़ का संकट

भुवनेश्वर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर ओडिशा में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। बैतरणी, सालंदी और जलाका जैसी प
भुवनेश्वर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर ओडिशा में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। बैतरणी, सालंदी और जलाका जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर और अनुगुल जिलों के कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने इन संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस बीच, बैतरणी नदी की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां आखुआपड़ा में जलस्तर 20.32 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 18.33 मीटर है। नदी के उफान पर होने के कारण निचले इलाकों में पानी घुसने लगा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है।
सालंदी नदी का जलस्तर भी खतरे के स्तर से ऊपर बह रहा है। सुबह छह बजे तक नदी का जलस्तर 18.70 फीट रिकॉर्ड किया गया है। इसके अलावा, बालेश्वर जिले के बस्ता ब्लॉक में जलका नदी का जलस्तर 6.51 मीटर तक पहुंच गया है, जो निर्धारित खतरे के निशान 6.50 मीटर से अधिक है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अनुगुल जिले के पाल्लहड़ा क्षेत्र में समकोई नदी में आई बाढ़ ने हालात को और भी मुश्किल बना दिया है। कणिहा ब्लॉक के बुरुकुना मार्ग पर करीब छह फीट पानी बहने से सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है, जिसके कारण कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क कट गया है।
बाढ़ के कारण लगभग 250 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है और प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण उत्तर ओडिशा के कई गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। खेत, सड़कें और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं, जिससे लोगों को आवागमन, पेयजल और दैनिक जरूरतों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि बारिश का दौर जारी रहा तो प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।











