Flood Threat in Sitapur: 20 बीघा जमीन कटी और हजारों एकड़ फसलें जलमग्न

सीतापुर में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। बैराजों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला अभी भी जारी है, जिसके चलते रविवार की रात को 3,016,33 क्यूसेक पानी छोड़ा ग
सीतापुर में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। बैराजों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला अभी भी जारी है, जिसके चलते रविवार की रात को 3,016,33 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस पानी के कारण घाघरा और शारदा नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। घाघरा नदी का जलस्तर 1.63 मीटर और शारदा नदी का जलस्तर 0.59 मीटर नीचे बह रहा है। नदियों के जलस्तर में वृद्धि के साथ-साथ कटान का खतरा भी बढ़ गया है। बेहटा क्षेत्र में 20 बीघा जमीन कट चुकी है, जिससे स्थानीय किसानों में चिंता का माहौल है। रामपुर मथुरा क्षेत्र में करीब बीस एकड़ खेतों में पानी भर गया है और 15 गांवों में बाढ़ का पानी घुसने की संभावना है। रेउसा में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां नदी की दूरी सौ मीटर तक ही रह गई है। किसानों ने बताया कि यदि अगले एक-दो दिन में पानी नहीं उतरा, तो उनकी धान और अन्य फसलें सड़ सकती हैं। प्यारेपुरवा में भी पानी भरने की स्थिति बन गई है, जिससे स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है।
बेहटा में शारदा नदी का कटान जारी है, जिससे खानामरोड़ गांव में 20 बीघा जमीन कट चुकी है। गांव की आबादी अब 20 मीटर की दूरी पर है। स्थानीय निवासी सरोज और विनोद ने बताया कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद अभी तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। मानपुर मल्लापुर और रहमान के पुरवा में भी जमीन का आंशिक कटान हो रहा है। बरेती में दो वर्ष पहले बनी परियोजना क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसके चलते सिंचाई विभाग बोरिया और बंबू क्रेट्स डालने का कार्य कर रहा है। रेउसा में घाघरा नदी और गांवों के बीच की दूरी भी मात्र 100 मीटर रह गई है, जिससे गार्गी पुरवा, निर्मल पुरवा, आशाराम पुरवा, सोमवारी पुरवा, लोध पुरवा और ठेकेदार पुरवा में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।









