Flooding fears in Old Rajendra Nagar: प्रशासन के दावों की खुली पोल

नई दिल्ली में ओल्ड राजेंद्र नगर, जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, में जलभराव की समस्या ने एक बार फिर से प्रशासन की तैयारियों की
नई दिल्ली में ओल्ड राजेंद्र नगर, जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, में जलभराव की समस्या ने एक बार फिर से प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। यहां के छात्र और स्थानीय निवासी आज भी उस दर्दनाक घटना को भूल नहीं पाए हैं, जब दो साल पहले एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में जलभराव के कारण तीन छात्रों की जान चली गई थी। यह घटना न केवल छात्रों के लिए एक सबक थी, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी थी कि जल निकासी की व्यवस्था को सुधारने की आवश्यकता है। हालांकि, प्रशासन ने नालों की सफाई और जलभराव खत्म करने के बड़े वादे किए थे, लेकिन हाल की बारिश ने इन दावों की सत्यता को उजागर कर दिया है। बारिश के बाद मुख्य मार्ग पर जलभराव तो कम हुआ, लेकिन अंदरूनी गलियों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
हाल ही में हुई मूसलधार बारिश ने ओल्ड राजेंद्र नगर के गलियों में जलभराव की समस्या को और बढ़ा दिया है। नगर निगम के कर्मचारी मुख्य मार्ग पर पंप और मशीनें लेकर सक्रिय दिखे, लेकिन गलियों में जलभराव की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। यहां तक कि छात्रों की उपस्थिति कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों में भी कम हो गई है, क्योंकि वे गंदे और बदबूदार पानी में से गुजरने से डरते हैं। गलियों में घुटने भर पानी जमा हो गया है, जिससे छोटे बच्चे और छात्र बाहर निकलने में असमर्थ हैं। यह स्थिति न केवल छात्रों के लिए, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।
प्रशासन के दावों और वादों के बावजूद, ओल्ड राजेंद्र नगर में जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। छात्रों का भविष्य इस जलभराव से प्रभावित हो रहा है, और उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द करे, ताकि छात्रों को फिर से अपने सपनों की ओर बढ़ने का मौका मिल सके। जलभराव की समस्या ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेना होगा।









