Flooding near open drains: खुले नालों के पास जलभराव से राहगीरों की सांसें अटकीं

संभल शहर में खुले नाले लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं। इन नालों की गहराई लगभग छह फीट और चौड़ाई तीन फीट है। हाल ही में हुई बारिश के बाद जलभराव की स्थिति ने इन
संभल शहर में खुले नाले लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं। इन नालों की गहराई लगभग छह फीट और चौड़ाई तीन फीट है। हाल ही में हुई बारिश के बाद जलभराव की स्थिति ने इन नालों को और भी खतरनाक बना दिया है। राहगीरों को इन नालों के पास से गुजरते समय अपनी जान का खतरा महसूस होता है। नगर पालिका परिषद ने अब तक इन नालों को स्लैब से कवर नहीं कराया है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। पिछले साल अगस्त में, संभल बाईपास पर एक नाले में गिरने से दो छोटे भाइयों की मौत हो गई थी। इस घटना ने शहर में खुले नालों की स्थिति की गंभीरता को उजागर किया है। कई अन्य घटनाओं में लोग बच गए, लेकिन प्रशासन और नगरपालिका परिषद ने इससे कोई सबक नहीं लिया। शहर के हसनपुर रोड, चंदौसी रोड और रेलवे स्टेशन रोड पर कई स्थानों पर खुले नाले हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। रोडवेज बस स्टैंड की ओर जाने वाला नाला भी खुला हुआ है, जो राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है।
नगर में चंदौसी चौराहे से उप जिलाधिकारी कार्यालय तक बने नाले का निर्माण भी बिना स्लैब के किया गया है। रात के समय यदि वाहन चालक सावधानी नहीं बरतते हैं, तो कोई भी वाहन इस खुले नाले में गिर सकता है। चौधरी सराय मोहल्ले में भी चौराहे से चंदौसी चौराहे तक का नाला खुला है। इस नाले के आसपास कोई सुरक्षा बाउंड्री नहीं है, जिससे जलभराव के समय नाले की हद का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। बारिश के दौरान सड़क और नाले का भेद मिट जाता है, जिससे हादसे की संभावना बढ़ जाती है। नगर पालिका परिषद की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जलभराव की स्थिति में पूरा शहर तालाब की शक्ल ले लेता है, जिससे हर जगह हादसे का खतरा बना रहता है।









