Former JPSC Chairman Speaks on Viral OMR Sheets: पूर्व JPSC चेयरमैन एल खियांग्ते ने वायरल OMR शीट पर की बात

झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते ने हाल ही में जेपीएससी मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जेपीएससी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे
झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते ने हाल ही में जेपीएससी मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जेपीएससी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का निर्णय निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लिया। खियांग्ते ने यह भी बताया कि उन्होंने किसी भी प्रकार के दबाव में इस्तीफा नहीं दिया है और उनका काम करने का तरीका हमेशा पारदर्शिता पर आधारित रहा है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जब सीआइडी की जांच शुरू हुई, तो उन्हें लगा कि अध्यक्ष रहते हुए उन पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकेगी, इसलिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देना उचित समझा। यह उनकी व्यक्तिगत सोच थी कि जब तक जांच निष्पक्ष नहीं होगी, तब तक वह उस पद पर बने नहीं रह सकते।
खियांग्ते ने यह भी स्पष्ट किया कि अब वह एक सामान्य नागरिक हैं और उन्होंने जेपीएससी के कार्यों पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि कई परीक्षाओं के परिणाम सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना जारी किए गए हैं, जो कि जेपीएससी की वर्ष 2002 की नियमावली के अनुसार सही है। उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग परीक्षाओं के परिणामों के लिए सदस्यों का अनुमोदन अनिवार्य नहीं है, जबकि अंतिम मेधा सूची तैयार करने में सभी सदस्यों का अनुमोदन आवश्यक है। यह जानकारी उन्होंने उस समय दी जब मीडिया ने उनसे परीक्षाओं के परिणामों के बारे में सवाल किया।
इसके अलावा, खियांग्ते ने 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की वायरल ओएमआर शीट के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि इस मामले में परीक्षा से संबंधित एजेंसी ही सही जानकारी दे सकती है। जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को परीक्षा का काम दिया जाना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा नहीं चाहता। एजेंसी की क्षमता के आधार पर ही उसका चयन किया जाता है। खियांग्ते ने यह भी कहा कि आयोग के अध्यक्ष बनने के बाद उनके मन में कई सुधार करने की योजनाएँ थीं, और धीरे-धीरे उन पर काम भी हो रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि जिन प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।









