Former Minister Hanumant Singh Passes Away: लखनऊ के प्राइवेट अस्पताल में ली अंतिम सांस

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गन्ना मंत्री हनुमंत सिंह का निधन सोमवार को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद हुआ। उनके निधन की खबर सुनते ही पार्टी का
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गन्ना मंत्री हनुमंत सिंह का निधन सोमवार को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद हुआ। उनके निधन की खबर सुनते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। बलरामपुर स्थित उनके निवास पर शोक संवेदना देने वालों का तांता लग गया। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस ने बताया कि हनुमंत सिंह के निधन से केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि सभी राजनीतिक दलों के लोग दुखी हैं। उनके जीवन का उद्देश्य सामाजिक सेवा, जनसंघर्ष, न्याय और जनकल्याण के प्रति समर्पण रहा है। हनुमंत सिंह का जन्म 1942 में जनपद बस्ती के मरवटिया गांव में हुआ था। उन्होंने 1965 में बलरामपुर में वकालत की शुरुआत की और अपनी प्रतिभा, ईमानदारी और न्यायप्रियता के बल पर जिले के प्रमुख अधिवक्ताओं में एक विशिष्ट पहचान बनाई। वे केवल एक सफल अधिवक्ता नहीं, बल्कि सामाजिक, धार्मिक और जनहित के कार्यों में भी सदैव अग्रणी रहे। उन्होंने समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की सहायता को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया।
राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1985 में बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर की। 1989 में वे बलरामपुर से विधायक निर्वाचित हुए और 1991 में पुनः विधायक चुने गए। उनकी कार्यकुशलता और जनसेवा को देखते हुए उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह की सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में गन्ना उद्योग एवं चीनी मिलें विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। मंत्री रहते हुए उन्होंने किसानों, विशेषकर गन्ना उत्पादकों के हितों की रक्षा और चीनी उद्योग के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। 1991 के बाद के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। हनुमंत सिंह को सामाजिक एवं राष्ट्रवादी विचारों की प्रेरणा अपने पिता केसरी सिंह से मिली, जो सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। उन्होंने 1952 में हिंदू महासभा के प्रत्याशी के रूप में बस्ती विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था।









