Fraud Gang Arrested in Azamgarh: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के तीन और सदस्य गिरफ्तार

आजमगढ़ में रानी की सराय पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी कर रहे थे। इस गि
आजमगढ़ में रानी की सराय पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी कर रहे थे। इस गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है और अब तक कुल 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने आरोपितों के पास से कई फर्जी दस्तावेज, जैसे कि पुलिस सत्यापन रिपोर्ट, सरकारी प्रपत्र, और अन्य सामग्री बरामद की है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि रविवार की रात मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर कोटिला कट के पास से तीन आरोपितों को पकड़ा। इनमें लालू उर्फ राकेश कुमार, दिनेश कुमार गुप्ता और धर्मेंद्र गुप्ता शामिल हैं। ये सभी बिहार और बलिया के निवासी हैं। गिरोह ने अब तक 100 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।
पुलिस ने गिरोह के सदस्यों के पास से चार मोबाइल फोन, 11 मोहरें, इंकपैड, दो पुलिस सत्यापन प्रपत्र, प्रमाणित पुलिस सत्यापन रिपोर्ट, आधार और पैन कार्ड की प्रतियां, जन्म प्रमाणपत्र की प्रति, नागालैंड सरकार के पांच प्रपत्र, रेलवे पहचान पत्र, एक ब्रेजा कार और 5,360 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह गिरोह नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लेकर उन्हें फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराता था। पुलिस ने इस मामले में गहन जांच शुरू कर दी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
हालांकि, पुलिस अभी तक गिरोह के सरगना विद्यासागर को पकड़ने में सफल नहीं हो पाई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। विद्यासागर इस गिरोह का मुख्य संचालक है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी से इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे धोखाधड़ी के मामलों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।









