Fraud in Bhatinda: टोल प्लाजा का टेंडर दिलाने का झांसा देकर 7 करोड़ की ठगी

बठिंडा से एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (nhai) के टोल प्लाजा का टेंडर दिलाने का झांसा देकर एक कारोबारी से 7.04 क
बठिंडा से एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के टोल प्लाजा का टेंडर दिलाने का झांसा देकर एक कारोबारी से 7.04 करोड़ रुपये की ठगी की गई। यह मामला थाना थर्मल पुलिस के पास दर्ज किया गया है, जहां पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक धमकी देने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है। शिकायतकर्ता मनीष गुप्ता, जो दिल्ली के पहाड़गंज का निवासी है और श्याम क्रिएशंस नामक फर्म का संचालक है, ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात बठिंडा निवासी राकेश गोयल से हुई थी। राकेश ने खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा हुआ बताते हुए NHAI के टोल प्लाजा का टेंडर दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उसने मनीष को कथित अधिकारियों से मिलवाया और कई दस्तावेज दिखाकर उसे विश्वास में लिया।
आरोप है कि राकेश गोयल और उसके साथियों ने NHAI से संबंधित होने का दावा करते हुए फर्जी पहचान पत्र, दस्तावेज और एग्रीमेंट तैयार किए। मनीष को विश्वास दिलाने के लिए पंजाब एंड सिंध बैंक में NHAIAPTL के नाम से एक बैंक खाता भी खोला गया, जिसे बाद में जांच में फर्जी पाया गया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने विभिन्न किस्तों में मनीष से 7 करोड़ 4 लाख 21 हजार 962 रुपये उक्त खाते में जमा करवाए। इसके अलावा, उन्होंने करीब 1.50 करोड़ रुपये नकद लिए और 25 लाख रुपये एक निजी फर्म के खाते में ट्रांसफर करवाए। जब लंबे समय तक टेंडर आवंटित नहीं हुआ, तो मनीष को संदेह हुआ और जब उसने जांच की, तो उसे पता चला कि दस्तावेज और बैंक खाता दोनों ही फर्जी थे।
जब मनीष ने आरोपियों से अपनी रकम वापस मांगी, तो उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी। प्रारंभिक जांच के बाद, थाना थर्मल पुलिस ने राकेश गोयल, उसकी पत्नी शेफाली गोयल, दविंदर गर्ग, गगन और एक अन्य आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब बैंक खातों, दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है, और पुलिस ने इस मामले में सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। यह घटना न केवल बठिंडा में बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और सतर्कता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को दर्शाती है।









