Free Education for SC/ST/OBC Students: BIT Mesra में छात्रों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा, झारखंड सरकार ने 79.40 करोड़ में किया समझौता

झारखंड सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आदिम जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक, बीआइटी मेसरा के साथ एक महत्वपूर
झारखंड सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आदिम जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक, बीआइटी मेसरा के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य झारखंड के दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च स्तरीय व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना है। इस पहल को झारखंड सरकार के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के सहयोग से साकार किया गया है। इस समारोह में कल्याण विभाग के सचिव केएन झा और संयुक्त सचिव जावेद अनवर इदरीसी भी उपस्थित थे। बीआइटी मेसरा का प्रतिनिधित्व कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना, कुलसचिव डॉ. राजेश जैन, डीन एकेडमिक डा. मनीष कुमार और प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने किया। यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक के प्रतिनिधिमंडल में निदेशक डॉ. विजया लक्ष्मी, सहायक कुलसचिव सौरभ प्रसाद और वरिष्ठ संकाय सदस्य शामिल थे। कुलपति ने केएन झा को यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक की प्रगति से अवगत कराया और अन्य अधिकारियों को परिसर का दौरा करने का निमंत्रण दिया।
झारखंड सरकार ने इस समझौते के तहत 79.40 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की प्रतिबद्धता जताई है। यह राशि अगले दस वर्षों में खर्च की जाएगी, जिसमें 85 प्रतिशत आवर्ती व्यय का वहन सरकार करेगी। इस योजना के तहत प्रतिवर्ष 850 छात्रों को निश्शुल्क शिक्षण, छात्रावास और भोजन की सुविधा दी जाएगी। योजना की पात्रता मेधा-आधारित होगी, और 2.50 लाख रुपये से कम वार्षिक पारिवारिक आय वाले छात्र इस योजना के लिए पात्र होंगे। बीआइटी मेसरा और झारखंड सरकार का यह संकल्प है कि कोई भी योग्य युवा, चाहे वह किसी भी दूरस्थ क्षेत्र से हो, वित्तीय संसाधनों के अभाव में व्यावसायिक अभियांत्रिकी शिक्षा से वंचित न रहे। यह योजना शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू की जाएगी।









