Food habits and health: समोसा और ब्रेड पकोड़े को टिश्यू पेपर से सोखना कितना फायदेमंद?

समोसा, कचौड़ी, ब्रेड पकोड़ा और फ्रेंच फ्राइज जैसी तली हुई चीजें भारतीय खाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। लोग अक्सर इनका आनंद लेते हैं, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति
समोसा, कचौड़ी, ब्रेड पकोड़ा और फ्रेंच फ्राइज जैसी तली हुई चीजें भारतीय खाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। लोग अक्सर इनका आनंद लेते हैं, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इन्हें खाने से पहले टिश्यू पेपर से सोखने की आदत डालते हैं। यह माना जाता है कि इससे तली हुई चीजों में मौजूद अतिरिक्त तेल कम हो जाता है। लेकिन क्या वास्तव में टिश्यू पेपर तली हुई चीजों के तेल को कम कर सकता है, या यह सिर्फ एक भ्रम है? इस सवाल का उत्तर जानने के लिए हम मेडिकल रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर गौर करते हैं।
फूड केमिस्ट्री जर्नल में 2025 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, तली हुई चीजों में मौजूद तेल दो प्रकार का होता है। पहला सतही तेल होता है, जो खाने की बाहरी परत पर चिपका रहता है, जबकि दूसरा वह तेल होता है, जो तली हुई चीजों के अंदर चला जाता है और वहीं रहता है। जब आप समोसे या पकोड़े को टिश्यू पेपर पर रखते हैं, तो टिश्यू केवल बाहरी तेल को सोख पाता है। जो तेल पहले से ही खाने के अंदर पहुंच चुका होता है, उसे टिश्यू पेपर नहीं सोख सकता। इस प्रकार, टिश्यू पेपर का उपयोग करने से केवल बाहरी तेल की मात्रा में कमी आती है, जबकि अंदर का तेल जस का तस बना रहता है।
मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. रोहित कपूर के अनुसार, टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करने से तेल में मामूली कमी आती है, लेकिन यह केवल आपके हाथों में महसूस होता है। अंदर का तेल, जो कि तली हुई चीजों में होता है, वह कम नहीं होता है। डॉ. कपूर ने यह भी बताया कि यदि तली हुई चीजें ऐसे तेल में बनाई गई हैं, जो बार-बार गर्म किया गया है, तो इससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जैसे कि हार्ट डिजीज और मोटापा। इसके अलावा, टिश्यू पेपर का उपयोग करने से बैक्टीरिया के खाने में जाने का खतरा भी बढ़ जाता है। सस्ते या रंगीन टिश्यू पेपर को ब्लीच करने के लिए क्लोरीन और अन्य केमिकल का उपयोग किया जाता है, जो सीधे संपर्क में आने पर खाने को दूषित कर सकते हैं। इसलिए, तली हुई चीजों के सेवन को सीमित करना और एयर फ्रायर का उपयोग करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।











