Future of Sasamusa Sugar Mill: सासामुसा चीनी मिल के भविष्य पर आज पटना में होगा महत्वपूर्ण निर्णय

कुचायकोट (गोपालगंज) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, सासामुसा चीनी मिल के भविष्य को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को एक महत्वपूर्ण मोड़ आया। पिछले छह वर्षों
कुचायकोट (गोपालगंज) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, सासामुसा चीनी मिल के भविष्य को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को एक महत्वपूर्ण मोड़ आया। पिछले छह वर्षों से बंद पड़ी इस चीनी मिल में स्क्रैप कटाई का कार्य सरकारी अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद रोक दिया गया है। गोपालगंज सदर की अनुमंडल पदाधिकारी डॉ. प्रेरणा सिंह ने रविवार शाम को मिल परिसर का निरीक्षण किया और वहां कार्यरत कर्मियों से आवश्यक जानकारी ली। निरीक्षण के बाद संबंधित कंपनी के कर्मचारियों ने स्क्रैप कटाई का कार्य बंद कर दिया। यह कदम वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उठाया गया है। अब सभी की निगाहें मंगलवार को पटना में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक पर टिकी हुई हैं, जिसमें किसानों, मिलकर्मियों और स्थानीय लोगों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।
सासामुसा चीनी मिल के बंद होने से किसानों का लगभग 43 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है, जबकि मिलकर्मियों का 9.50 करोड़ रुपये और गन्ना परिवहन से जुड़े संवेदकों का लगभग तीन करोड़ रुपये का भुगतान भी लंबित है। इसके अलावा, सेंट्रल बैंक का 67 करोड़ रुपये का ऋण भी बकाया है। एनसीएलटी के आदेश के बाद 15 जून से मिल परिसर में स्क्रैप की कटाई शुरू की गई थी, जिसका किसानों और मिलकर्मियों ने विरोध किया था। उनका कहना था कि यदि मशीनों और मिल की संरचनाओं को पूरी तरह काट दिया गया, तो भविष्य में मिल को फिर से चालू करने की संभावना समाप्त हो जाएगी। इस मुद्दे को लेकर बरौली विधायक मंजीत कुमार सिंह ने बिहार विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया था, जिसके बाद गन्ना उद्योग मंत्री ने आश्वासन दिया था कि राज्य सरकार मिल को पुनः चालू करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।









