Rising Water Levels in Ganga: बलुआ में मंदिर तक पहुंचा पानी, लोगों में चिंता बढ़ी

पीडीडीयू नगर में गंगा के जल स्तर में लगातार वृद्धि का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। प्रतिघंटे एक सेंटीमीटर की दर से गंगा का जल स्तर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार क
पीडीडीयू नगर में गंगा के जल स्तर में लगातार वृद्धि का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। प्रतिघंटे एक सेंटीमीटर की दर से गंगा का जल स्तर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार की शाम चार बजे तक गंगा का जल स्तर 61.60 मीटर तक पहुंच गया, जबकि सोमवार की शाम यह 61.36 मीटर था। इस प्रकार, पिछले दो दिनों में गंगा का जल स्तर आधा मीटर बढ़ चुका है। जल स्तर में इस तेजी से वृद्धि के कारण बलुआ घाट पर गंगा का जल मंदिर तक पहुंच गया है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों के निवासियों की चिंता बढ़ गई है। जिले के नियामताबाद, चहनिया और धानापुर ब्लॉक के 45 से अधिक गांव गंगा के तट पर स्थित हैं, और ऐसे में जल स्तर में वृद्धि से बाढ़ की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है।
गंगा के जल स्तर में वृद्धि का मुख्य कारण बांधों से पानी का छोड़ा जाना और पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश है। इस वर्ष मानसून भले ही देर से आया है, लेकिन पिछले दो दिनों से गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, मंगलवार की शाम चार बजे तक गंगा का जल स्तर 61.60 मीटर था, जो सोमवार की शाम के मुकाबले 24 सेंटीमीटर अधिक है। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर है। वर्तमान में गंगा चेतावनी बिंदु से 8.662 मीटर नीचे बह रही है, लेकिन जल स्तर में वृद्धि से तटवर्ती गांवों के लोग चिंतित हैं।
चहनिया प्रतिनिधि के अनुसार, गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी से तटवर्ती गांवों जैसे पुरा विजयी, पुरा गनेश, चकरा, नादी, पकड़ी, भूपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, महुअरिया, विशुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, सोन बरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली और अन्य गांवों के निवासियों में चिंता का माहौल है। लोग बाढ़ की संभावनाओं को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से उचित कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। जल स्तर की इस वृद्धि से न केवल कृषि पर प्रभाव पड़ेगा, बल्कि स्थानीय जनजीवन भी प्रभावित होगा।









