Gangster Joban Billa's Fake Passport Connection: गैंगस्टर जोबन बिल्ला के फर्जी पासपोर्ट का यूपी कनेक्शन, जांच में जुटी AGTF

रोहित कुमार, चंडीगढ़। हाल ही में इंडोनेशिया से भारत लाए गए गैंगस्टर जोबनजीत सिंह, जिसे जोबन मांगा के नाम से भी जाना जाता है, अब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटी
रोहित कुमार, चंडीगढ़। हाल ही में इंडोनेशिया से भारत लाए गए गैंगस्टर जोबनजीत सिंह, जिसे जोबन मांगा के नाम से भी जाना जाता है, अब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) द्वारा फर्जी पासपोर्ट रैकेट के संबंध में गहन पूछताछ का सामना कर रहा है। इस जांच का मुख्य फोकस उस फर्जी पासपोर्ट पर है, जिसके जरिए वह जनवरी 2025 में भारत से फरार हुआ था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस फर्जी पासपोर्ट का गहरा कनेक्शन उत्तर प्रदेश से है। एजीटीएफ यह जानने की कोशिश कर रही है कि जोबनजीत ने उत्तर प्रदेश में किस स्थान से यह फर्जी पासपोर्ट बनवाया और इसमें किन एजेंटों, दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह और अधिकारियों की भूमिका रही। इसके अलावा, जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि क्या इसी नेटवर्क ने अन्य गैंगस्टरों और अपराधियों के लिए भी फर्जी पासपोर्ट तैयार किए हैं।
पुलिस के अनुसार, जोबनजीत ने फर्जी पहचान के आधार पर पासपोर्ट बनवाया और इसके जरिए पहले संयुक्त अरब अमीरात पहुंचा। इसके बाद वह जॉर्जिया और फिर इंडोनेशिया चला गया। कई देशों में ठिकाने बदलने के बाद उसे अंततः इंडोनेशिया में हिरासत में लिया गया और हाल ही में भारत लाया गया। मुंबई एयरपोर्ट पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे पंजाब लाया गया, जहां अब उससे पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूछताछ में यह भी पता लगाया जाएगा कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के लिए किन लोगों से संपर्क किया गया, पासपोर्ट बनाने में कौन-कौन शामिल था और विदेश भागने की पूरी योजना कैसे बनाई गई।
एजीटीएफ को उम्मीद है कि इस पूछताछ से फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। जोबन बिल्ला पंजाब में चार हत्याओं समेत हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में वांछित है। पुलिस का मानना है कि उससे पूछताछ के दौरान उसके आपराधिक नेटवर्क, विदेश में बैठे सहयोगियों और सीमा पार संचालित गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग भी मिल सकते हैं। यदि जांच में उत्तर प्रदेश में सक्रिय फर्जी पासपोर्ट गिरोह की भूमिका की पुष्टि होती है, तो संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि अनमोल बिश्नोई (लारेंस बिश्नोई का भाई), लखबीर सिंह उर्फ लंडा, सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई, हैरी चट्ठा, वरिंदर पाल सिंह उर्फ वीना बट्टर, जसविंदर सिंह उर्फ खट्टू, हर्ष उर्फ चिंटू, हरभेज सिंह उर्फ जावेद, जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला और दीपिंदर सिंह उर्फ दीपू अजनाला जाली दस्तावेजों के दम पर विदेश भाग चुके हैं।









