Fraud in Ghaziabad Flat Booking: गाजियाबाद फ्लैट बुकिंग फर्जीवाड़े में नया खुलासा, 40 नहीं करीब 100 खातों में निवेशकों के पैसे किए थे ट्रांसफर

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में फ्लैट बुकिंग के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े की जांच में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने नए खुलासे किए हैं। प्रारंभ में पुलिस
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में फ्लैट बुकिंग के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े की जांच में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने नए खुलासे किए हैं। प्रारंभ में पुलिस को करीब 40 बैंक खातों में लेनदेन के साक्ष्य मिले थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर लगभग 100 हो गई है। जांच में यह सामने आया है कि प्रॉपर्टी एजेंट नितिन शर्मा, जिसे दीपक शर्मा के नाम से भी जाना जाता है, ने अकेले इस फर्जीवाड़े को अंजाम नहीं दिया, बल्कि इसमें बिल्डरों की भी मिलीभगत शामिल थी। निवेशकों से फ्लैट और दुकान दिलाने के नाम पर बड़ी रकम ली गई थी। पुलिस अब इन खातों के बीच हुए लेनदेन की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निवेशकों से ली गई रकम का क्या हुआ और वह किन खातों में गई। इसके साथ ही, पीड़ित निवेशकों का कहना है कि पुलिस ने शुरुआत में जांच में लापरवाही बरती, जिससे मुख्य आरोपित फरार हो गए। यदि समय पर कार्रवाई की जाती, तो आरोपितों को बच निकलने का मौका नहीं मिलता।
इस मामले में अब तक पुलिस ने कुछ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। निधि मक्कड़ को पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें बाद में अदालत से जमानत मिल गई। इसके बाद प्रेमगिल, हनीगिल, सुरभि शर्मा और मानसी प्रकाश को गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने इन चारों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। इस तरह अब तक पांच आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें से चार जेल में हैं। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों ने निवेशकों से ली गई रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया, जिससे उनकी पहचान छिपाई जा सके। एसआईटी अब इन सभी बैंक खातों और लेनदेन की गहनता से जांच कर रही है।









