Gifts of Ram Lalla: रामलला के उपहार 16 टन की गदा से लेकर 1100 किलो के नगाड़े तक

अयोध्या में रामलला के उपहारों को लेकर हाल ही में चढ़ावा चोरी प्रकरण में सवाल उठे हैं। दानदाताओं ने चिंता जताई है कि क्या ये उपहार सुरक्षित हैं। हालांकि, रामलला
अयोध्या में रामलला के उपहारों को लेकर हाल ही में चढ़ावा चोरी प्रकरण में सवाल उठे हैं। दानदाताओं ने चिंता जताई है कि क्या ये उपहार सुरक्षित हैं। हालांकि, रामलला के उपहार न केवल प्रदर्शित हैं, बल्कि उनकी पूजा भी की जा रही है। रामसेवकपुरम में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा उत्सव के दौरान देश-विदेश से आए विशेष उपहारों को एक अस्थायी संग्रहालय में रखा गया है, जहां श्रद्धालु इनका दर्शन कर रहे हैं। इन उपहारों में 16 टन की विशाल गदा और 1100 किलो का नगाड़ा शामिल हैं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके अलावा, केरल से लाए गए स्वर्ण जैसे धनुष बाण, नेपाल की शालिग्राम शिलाएं, कर्नाटक की श्यामल शिला और मध्य प्रदेश से आए नर्मदेश्वर महादेव की पूजा भी भक्तों द्वारा की जा रही है।
केंद्रीय गृह सचिव लक्ष्मी नारायण ने हाल ही में सोने से मढ़ी रामचरितमानस के चोरी होने की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा था कि सवा क्विंटल की रामचरित मानस भेंट की गई थी, लेकिन उसकी रसीद नहीं मिली। इस पर ट्रस्ट ने जवाब दिया है कि सभी उपहार सुरक्षित हैं और उनके बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध है। रामसेवकपुरम और कारसेवकपुरम में प्रदर्शित उपहारों के दर्शन के लिए भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यहां भक्त माथा टेकते हैं और अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
मंगलवार को रामसेवकपुरम में उपहारों के समक्ष नतमस्तक तमिलनाडु की श्रद्धालु अथिका ने कहा कि यहां उन्हें असीम आनंद मिला है। उनके साथ आई वी. मीनाक्षी ने भी इस स्थान की महत्ता को बताया। वहीं, बिहार के छपिया के राजित कुमार ने चढ़ावा चोरी को महापाप बताते हुए रामलला के प्रति अपनी आस्था को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह अपने प्रांत में बताएंगे कि सभी उपहार सुरक्षित हैं। रामलला का विग्रह बनाने के लिए दक्षिण भारत और नेपाल से शिलाएं लाई गई थीं, जिनमें से तीन का चयन किया गया था। एक की प्राण प्रतिष्ठा हुई है, जबकि दो को सुरक्षित रखा गया है। शेष अखंड शिलाएं रामसेवकपुरम में संरक्षित हैं, जहां दर्शनार्थी अपनी आस्था निवेदित करने आते हैं।









