Good News for Farmers in Muzaffarpur: गन्ने की नर्सरी लगाने पर मिलेगा अनुदान, 22 तक करें आवेदन

मुजफ्फरपुर जिले के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। जिले में बंद पड़ी मोतीपुर चीनी मिल को पुनः चालू करने और मड़वन में एक नई चीनी मिल स्थापित करने
मुजफ्फरपुर जिले के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। जिले में बंद पड़ी मोतीपुर चीनी मिल को पुनः चालू करने और मड़वन में एक नई चीनी मिल स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके साथ ही, गन्ना विकास विभाग ने गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत, विभाग जिले में प्रमाणित गन्ना बीज की नर्सरी स्थापित करेगा, जिसमें दो किसानों का चयन किया जाएगा। इच्छुक किसान इस योजना का लाभ उठाने के लिए 22 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। यह कदम किसानों को गन्ने की खेती में सहायता प्रदान करने के लिए उठाया गया है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग के किसानों को प्रमाणित गन्ना बीज पर 260 रुपये प्रति क्विंटल और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों को 310 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जाएगा। सहायक निदेशक, ईख विकास अरविंद कुमार रवि ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, गन्ने की उत्पादकता को बढ़ाना और किसानों की आय में सुधार करना भी इस योजना का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। मोतीपुर चीनी मिल के पुनरुद्धार और मड़वन में प्रस्तावित नई चीनी मिल के संदर्भ में किसानों को नर्सरी लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में गन्ने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
ईख विस्तार पदाधिकारी अविनाश कुमार को मड़वन में नई चीनी मिल के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे मड़वन के अंचलाधिकारी के साथ मिलकर नई इकाई के लिए 50 से 100 एकड़ भूमि चिह्नित करेंगे। इसके अलावा, मोतीपुर स्थित बंद चीनी मिल के पुनरुद्धार के लिए भी मिल परिसर और उसके आसपास उपलब्ध भूमि का विस्तृत डाटा तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में तिरहुत प्रमंडल में छह चीनी मिलें संचालित हैं, जिनमें पश्चिम चंपारण के बगहा, रामनगर, लौरिया, नरकटियागंज और मझौलिया तथा पूर्वी चंपारण की सुगौली चीनी मिल शामिल हैं। मोतीपुर और मड़वन में नई इकाइयों के शुरू होने से तिरहुत क्षेत्र में गन्ना उद्योग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे गन्ने की खेती का दायरा बढ़ेगा और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकेगा।









