Good News for Farmers in Rohtas: खेत की मेड़ पर अरहर उगाने पर मुफ्त बीज और 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि

डेहरी आन सोन (रोहतास) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, शारदीय खरीफ 2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत डेहरी प्रखंड के किसानों को धान के खेतो
डेहरी आन सोन (रोहतास) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, शारदीय खरीफ 2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत डेहरी प्रखंड के किसानों को धान के खेतों की मेड़ों पर अरहर की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को बिना अतिरिक्त भूमि के अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करना है। किसानों को खेत की खाली मेड़ों का उपयोग करके अरहर की खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे वे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें। प्रखंड कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि डेहरी प्रखंड को इस योजना के तहत 236 इकाई का लक्ष्य दिया गया है। एक इकाई में किसान को 240 से 625 मीटर तक खेत की मेड़ पर अरहर की बुआई करनी होगी। वर्तमान में 200 इकाइयों के लिए 2 क्विंटल बीज प्राप्त किया गया है, और प्रत्येक किसान को 1 किलोग्राम अरहर बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को न केवल बीज मिलेगा, बल्कि उनकी फसल का सत्यापन भी कृषि समन्वयक द्वारा कृषि मैपर ऐप के माध्यम से किया जाएगा। सत्यापन के बाद, योग्य किसानों के बैंक खाते में बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी।
अरहर की खेती करने से किसानों को अतिरिक्त दलहन उत्पादन के साथ-साथ आय बढ़ाने का भी अवसर मिलेगा। खेत की मेड़ों का बेहतर उपयोग करने से मिट्टी की उर्वरता भी बनाए रखने में मदद मिलेगी। यह योजना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे अपनी फसल उत्पादन क्षमता को बढ़ा सकते हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपने संबंधित कृषि समन्वयक या किसान सलाहकार से संपर्क करें। इस कार्यक्रम के तहत कई किसान सलाहकार और कृषि समन्वयक भी शामिल हैं, जो किसानों को इस योजना के बारे में जानकारी प्रदान कर रहे हैं। मौके पर अनिरुद्ध सिंह, ललिता देवी, विंध्याचल सिंह, जितेंद्र कुमार सिंह, नोडल कृषि समन्वयक उपेंद्र तिवारी, सुनील कुमार सिंह, अमित कुमार, किसान सलाहकार सविता कुमारी, कृषि सखी अंजू देवी, संध्या देवी और कार्यपालक सहायक उपेन्द्र कुमार भी उपस्थित थे। यह योजना किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है और इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना है।









