Gorakhpur Murder Case: एक सप्ताह में चार्जशीट, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा

गोरखपुर में हुए वैभव हत्याकांड के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की योजना बनाई है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना को तेजी से पूरा करने का प्रयास किय
गोरखपुर में हुए वैभव हत्याकांड के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की योजना बनाई है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि एक सप्ताह के भीतर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जा सके। इसके साथ ही, इस मामले का विचारण फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है, जिससे पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके। घटना के बाद खजनी पहुंचे जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने विवेचना में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बना रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी जरूरी साक्ष्य संकलित कर जल्द आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जाएगा। हत्यारोपित सर्वेश भट्ट उर्फ बिट्टू शर्मा खजनी-उनवल मार्ग पर ई-वर्ल्ड कंप्यूटर सेंटर संचालित करता था। पुलिस के अनुसार, सोमवार को वह सेंटर से भोजन करने के लिए घर आया था और इसी दौरान मासूम वैभव को अपने साथ ले जाकर वारदात को अंजाम दिया।
शव बरामद होने के बाद बड़ी संख्या में आक्रोशित लोगों ने आरोपित के घर को घेर लिया। तनाव को देखते हुए वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। जाम लगाकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग उठाई। कई किलोमीटर लंबा जाम लगने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। डीएम, एसएसपी और एडीएम प्रशासन लिंक मार्ग और हरनही टोल प्लाजा के रास्ते खजनी थाने पहुंचे। पुलिस के अनुसार, सर्वेश मूल रूप से बांसगांव क्षेत्र के कलवारी गांव का रहने वाला है। उसके पिता हरिनारायण शर्मा खजनी में कपड़ों की दुकान चलाते हैं। बड़ा भाई सतीश शर्मा अधिवक्ता है, जबकि सर्वेश कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर संचालित करता था। पुलिस को उसके विरुद्ध आर्थिक अपराध से जुड़े आरोपों की भी जानकारी मिली है, जिसकी भी जांच की जा रही है।









