Gorakhpur Murder Case: तीन दशक का भरोसा टूटा, पड़ोसी ने ही बुझा दिया घर का चिराग

गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में वैभव वर्मा की हत्या ने न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए विश्वास और रिश्तों की बुनियाद को हिला कर रख दिया है। जिस पड़ोस
गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में वैभव वर्मा की हत्या ने न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए विश्वास और रिश्तों की बुनियाद को हिला कर रख दिया है। जिस पड़ोसी पर सराफा कारोबारी हनुमान वर्मा का परिवार तीन दशकों से भरोसा करता था, उसी सर्वेश भट्ट पर मासूम वैभव की हत्या का आरोप लगा है। इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कभी-कभी अपराधी का चेहरा अनजान नहीं होता, बल्कि वह व्यक्ति हो सकता है जो वर्षों से आपके आस-पास रहता है। इस घटना के बाद खजनी क्षेत्र में दहशत और अविश्वास का माहौल बन गया है, जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं।
सराफा कारोबारी हनुमान का परिवार सर्वेश भट्ट को करीब 30 वर्षों से जानता था। दोनों परिवारों के बीच सामान्य पड़ोसी जैसा व्यवहार था, लेकिन घटना वाले दिन किसी को भी इस बात का अंदेशा नहीं था कि सर्वेश किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। सबसे डरावना पहलू यह है कि अपराध के बाद भी आरोपित का चालाकी और शातिरपन का स्तर कितना ऊंचा था। वैभव के गायब होने के बाद सर्वेश ने चार घंटे तक पुलिस और परिजनों के साथ बच्चे को ढूंढने का नाटक किया। उसने साइकिल और चप्पल तलाशने में मदद की, यहां तक कि अपने घर की तलाशी भी कराई। पुलिस उसी बेसमेंट तक गई जहां शव छिपा था, लेकिन आरोपित की चालाकी के आगे कानून की आंखें भी धोखा खा गईं।
सोमवार शाम को जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो डा. डीके सिंह के कैमरे में सर्वेश, वैभव के साथ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, लेकिन वह लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। पूरी रात चली पूछताछ के बाद भी वह नहीं टूटा। मंगलवार सुबह खुद एसएसपी ने भी पूछताछ की, लेकिन उसने हत्या की बात नहीं बताई। अंत में पुलिस ने सख्ती बरती और 11 घंटे बाद उसने हत्या की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसी बेसमेंट से बोरे में रखा वैभव का शव बरामद किया। जब स्थानीय लोगों को इस घटना की जानकारी हुई, तो वे स्तब्ध रह गए। उन्हें विश्वास नहीं था कि जिस पड़ोसी को परिवार का सबसे निकटतम सहयोगी माना जाता था, वही भरोसे का दुरुपयोग कर सकता है। खजनी की यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि विश्वास जीवन का आधार है, लेकिन सुरक्षा और सतर्कता उसकी सबसे मजबूत ढाल हैं।









