Gorakhpur University: त्रुटि सुधार के लिए ''सुधार पोर्टल'' का उपयोग करें विद्यार्थी

गोरखपुर विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए एक नई सुविधा शुरू की है, जिसका नाम ''सुधार पोर्टल'' है। यह पोर्टल छात्रों को परीक्षा परिणाम या शैक्षणिक अभिलेखों में हुई
गोरखपुर विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए एक नई सुविधा शुरू की है, जिसका नाम ''सुधार पोर्टल'' है। यह पोर्टल छात्रों को परीक्षा परिणाम या शैक्षणिक अभिलेखों में हुई किसी भी प्रकार की त्रुटियों को सुधारने में मदद करेगा। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि छात्रों को अब प्रशासनिक भवन में आने की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय, वे इस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया न केवल समय और धन की बचत करती है, बल्कि शिकायतों का पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण भी सुनिश्चित करती है। छात्रों को घर बैठे ही अपूर्ण परीक्षा परिणाम, विषय परिवर्तन, नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि, लिंग, एनरोलमेंट नंबर जैसी त्रुटियों के सुधार के लिए आवेदन करने की सुविधा मिलेगी। यदि किसी छात्र की समस्या निर्धारित श्रेणी में नहीं आती है, तो वे ''अन्य'' विकल्प के तहत आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस पोर्टल के शुरू होने के बाद से अब तक 60,427 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 60,375 का निस्तारण किया जा चुका है। केवल 52 आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा, 1 जून 2026 से अब तक 1,113 आवेदन मिले हैं, जिनमें से 1,061 का निस्तारण हो चुका है। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि पोर्टल ने छात्रों के लिए एक प्रभावी समाधान प्रदान किया है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इसे डिजिटल गवर्नेंस और छात्र-केंद्रित प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे किसी भी सुधार के लिए सीधे विश्वविद्यालय आने के बजाय ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करें। यह न केवल उनकी सुविधा के लिए है, बल्कि विश्वविद्यालय के संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए भी आवश्यक है।









