Gorakhpur Murder Incident: गोरखपुर में वैभव की हत्या पर व्यापारियों का प्रदर्शन

गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में मासूम वैभव की हत्या की खबर सुनते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में व्यापारियों ने अपनी दुकानों को बंद कर दिय
गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में मासूम वैभव की हत्या की खबर सुनते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में व्यापारियों ने अपनी दुकानों को बंद कर दिया और दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में व्यापारी पीड़ित परिवार के समर्थन में सड़क पर उतर आए। उन्होंने गोरखपुर-खजनी, खजनी-उनवल और खजनी-सिकरीगंज मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपित के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपील की। मौके पर पहुंचे एसपी दक्षिणी दिनेश पुरी, एसडीएम खजनी और तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ का आक्रोश कम नहीं हुआ। कुछ व्यापारियों ने अधिकारियों से कहा कि यदि प्रशासन अनुमति दे तो वे खुद आरोपित का मकान ध्वस्त करने के लिए तैयार हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया और सीओ गीडा, सीओ गोला, 10 थानों की पुलिस और पीएसी को मौके पर बुला लिया। इस बीच, कुछ महिलाएं खजनी थाने के भीतर पहुंच गईं और आरोपित को बाहर लाने की मांग करने लगीं। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाया कि आरोपित थाने में मौजूद नहीं है। काफी समझाने के बाद अधिकांश महिलाएं लौट गईं, जबकि वैभव की बुआ वहीं डटी रहीं। दूसरी ओर, तिराहे पर व्यापारी और परिजन लगातार प्रदर्शन करते रहे।
करीब तीन बजे एसएसपी डा. कौस्तुभ और डीएम दीपक मीणा खजनी थाने पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से बातचीत की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपित के मकान पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद एसएसपी और डीएम पीड़ित परिवार के साथ धरनास्थल पहुंचे, जहां उन्होंने लिखित ज्ञापन लिया और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद, प्रदर्शन समाप्त हुआ और तीनों मार्गों पर यातायात सामान्य हो सका। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया था, लेकिन अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि न्याय मिलेगा।









