Government's Strict Action on Anti-Ragging Violations: देश के 107 शिक्षण संस्थानों को थमाया नोटिस

नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग रोकने के लिए बनाए गए नियमों की अनदेखी करने वाले 107 संस्थानों को नो
नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग रोकने के लिए बनाए गए नियमों की अनदेखी करने वाले 107 संस्थानों को नोटिस जारी किया है। यह कदम सोमवार को लोकसभा में शिक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के बाद उठाया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये संस्थान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे, जिसके चलते उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें 18 प्रमुख मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं, जो रैगिंग के खिलाफ सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज कर रहे थे। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने संसद में इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इन संस्थानों में रैगिंग रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जांच में दो प्रमुख कमियां सामने आई हैं।
सुकांत मजूमदार ने पहली कमी के रूप में शपथपत्र की अनदेखी का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इन संस्थानों ने नए छात्रों और उनके अभिभावकों से अनिवार्य रूप से 'एंटी-रैगिंग शपथपत्र' नहीं भरवाए थे, जो कि रैगिंग के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, इन संस्थानों ने यूजीसी द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी अनुपालन रिपोर्ट भी जमा नहीं की। यह स्थिति न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए चिंताजनक है, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर लापरवाही को भी दर्शाती है। शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को रैगिंग की घटनाओं को रोकने के लिए जीरो-टॉलरेंस नीति अपनानी होगी।









