Government preparing major changes in FDI rules: एफडीआई नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही सरकार, डाउनस्ट्रीम निवेश आसान बनाने पर जोर

डिजिटल डेसक, नई दिल्ली। भारत सरकार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव करने की योजना बना रही है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य 'डाउनस्ट्रीम
डिजिटल डेसक, नई दिल्ली। भारत सरकार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव करने की योजना बना रही है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य 'डाउनस्ट्रीम' यानी अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। सरकार का मानना है कि इस कदम से देश में विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। डाउनस्ट्रीम निवेश का तात्पर्य है कि जब विदेशी निवेश वाले भारतीय संस्थान किसी अन्य भारतीय कंपनी की इक्विटी या पूंजी में निवेश करते हैं, तो इसे अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश कहा जाता है। इस प्रकार के निवेश को बढ़ावा देने से भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्ताव वर्तमान में विभिन्न मंत्रालयों के बीच विचार-विमर्श के चरण में है। सरकार ने इस दिशा में कदम उठाने का निर्णय लिया है ताकि विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। वर्तमान में, भारत में आने वाले कुल एफडीआइ प्रवाह का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा स्वत: मंजूर मार्ग के माध्यम से आता है। यह दर्शाता है कि भारतीय बाजार विदेशी निवेश के लिए कितना आकर्षक है। सरकार का लक्ष्य है कि इस प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाए ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने निवेश को आगे बढ़ा सकें।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान कुल 843 अरब डालर का एफडीआइ आकर्षित किया है। यह आंकड़ा पिछले 12 वर्षों की अवधि की तुलना में 169 प्रतिशत अधिक है, जो इस बात का संकेत है कि विदेशी निवेशकों का भारत में विश्वास बढ़ा है। इस बदलाव से न केवल विदेशी निवेश में वृद्धि होगी, बल्कि यह भारतीय कंपनियों के लिए भी नए अवसरों का द्वार खोलेगा। सरकार का यह कदम आर्थिक विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)









