Government Response in Delhi Gymkhana Club Case: केंद्र ने दिल्ली HC से कहा- कब्जा करने से रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं

दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने के संबंध में केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण जवाब दाखिल किया है। इस जवाब में केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप
दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने के संबंध में केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण जवाब दाखिल किया है। इस जवाब में केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उच्च न्यायालय के पास दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन पर कब्जा करने से रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। यह मामला तब सामने आया जब क्लब के सदस्य विजय खुराना ने एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने कारण बताओ नोटिस पर रोक लगाने की मांग की थी। केंद्र सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिसर अधिनियम के तहत, बेदखली से जुड़े किसी भी मामले या कार्यवाही पर सिविल कोर्ट का अधिकार क्षेत्र नहीं है। इसके साथ ही, सम्पत्ति अधिकारी की कार्रवाई के संबंध में किसी भी प्रकार की रोक लगाने की भी अनुमति नहीं है। इस प्रकार, केंद्र सरकार ने अपने जवाब में न्यायालय को यह स्पष्ट किया है कि उनकी कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी है और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा नहीं डाली जा सकती।
दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति अवनीश झिंगन की पीठ ने केंद्र सरकार के इस पक्ष को सुनने के बाद मुकदमे की सुनवाई की अगली तारीख तीन सितंबर तय की है। केंद्र सरकार ने न्यायालय को बताया कि सार्वजनिक परिसर अधिनियम की अपनी न्यायिक और अपीलीय व्यवस्था है, जो इस मामले में लागू होती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और वह अपने कानूनी अधिकारों का पूरी तरह से पालन कर रही है। विजय खुराना और दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन की याचिकाएं लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस के 22 मई के आदेश के बाद दायर की गई थीं।









