Government Salary Freeze: रामपुर में 19 अधिकारियों का वेतन रोका गया

रामपुर में शासन की महत्वाकांक्षी ई-आफिस प्रणाली की अनदेखी करने वाले 19 विभागाध्यक्षों और अधिकारियों को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी न
रामपुर में शासन की महत्वाकांक्षी ई-आफिस प्रणाली की अनदेखी करने वाले 19 विभागाध्यक्षों और अधिकारियों को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने एक जून से 10 जुलाई 2026 के बीच ई-आफिस पर कोई पत्राचार न करने के कारण इन अधिकारियों का जुलाई महीने का वेतन रोकने का आदेश दिया है। इस निर्णय से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और विभिन्न विभागों में कर्मचारियों के बीच चिंता का माहौल है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ई-आफिस प्रणाली मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में से एक है और इसे हर हाल में लागू किया जाना चाहिए। इस आदेश के बाद अधिकारियों को यह समझ में आ गया है कि शासन के निर्देशों का पालन न करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि ई-आफिस पर कार्य किए बिना वेतन आहरित करने की स्थिति में संबंधित कार्यालयाध्यक्ष और आहरण-वितरण अधिकारी जिम्मेदार होंगे। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि जिले के 19 कार्यालयों ने निर्धारित अवधि में ई-आफिस पर कोई भी पत्राचार नहीं किया। लगभग 40 दिनों तक डिजिटल फाइल प्रणाली का उपयोग न करना शासन के निर्देशों की अवहेलना के रूप में देखा गया। इस निर्णय को अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी विभागों को ई-आफिस पर नियमित पत्राचार और फाइलों के निस्तारण को लेकर अधिक गंभीरता से कार्य करना होगा।
इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों को शासन की डिजिटल कार्यप्रणाली का पालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में ई-आफिस की नियमित समीक्षा जारी रहेगी और जिन विभागों में कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होगा, उनके खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम न केवल शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि अधिकारियों को भी यह संदेश देगा कि डिजिटल प्रणाली का उपयोग करना अनिवार्य है। इस प्रकार, रामपुर में यह निर्णय शासन की ई-आफिस प्रणाली को सशक्त बनाने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।









